दक्षिणी लेबनान में इसराइल का बड़ा हमला, हदथा शहर पर हुई भारी आर्टिलरी शेलिंग

Praggya Singh sabal13 September 20262 min read34 viewsWorld
दक्षिणी लेबनान में इसराइल का बड़ा हमला, हदथा शहर पर हुई भारी आर्टिलरी शेलिंग

लेबनान के दक्षिणी हिस्से में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और आम लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। 13 सितंबर 2026 को लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी ने आधिकारिक जानकारी दी कि दक्षिणी लेबनान के हदथा शहर को इसराइली सेना की तरफ से भारी आर्टिलरी शेलिंग का सामना करना पड़ा। इस ताजा हमले से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय नागरिक अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित नजर आ रहे हैं। इस सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्रीय शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

लेबनान के कई इलाकों में सैन्य कार्रवाई

इस ताजा घटना से ठीक पहले पूरे क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों में तेजी देखी गई थी। इसराइली बलों ने बिint जेबेल जिले के अल-तैरी शहर में बड़े पैमाने पर बमबारी की थी। इसके अलावा नबातीह अल-फवका, कफर तेबनीत और जवतार अल-शार्किया जैसे इलाकों में भी इसराइली एयरस्ट्राइक और आर्टिलरी हमलों को दर्ज किया गया। इन लगातार हमलों की वजह से लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में बुनियादी ढांचा कमजोर हो रहा है और लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना भी खतरनाक हो गया है।

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युद्धविराम समझौतों के उल्लंघन के मामले

यह पूरा घटनाक्रम 12 सितंबर 2026 से चल रहे तनाव का ही एक हिस्सा है। उस दौरान भी इसराइली आर्टिलरी ने कब्जे वाले जबल बलात के ठिकानों से हदथा और हरिस के बीच के इलाके को निशाना बनाया था। गौर करने वाली बात यह है कि यह सभी सैन्य गतिविधियां जून 2026 में हुए अमेरिका समर्थित युद्धविराम समझौते के बावजूद हो रही हैं। उस समझौते में इसराइली सेना की वापसी और सशस्त्र समूहों के हथियारों को छोड़ने का फ्रेमवर्क तैयार किया गया था। हालांकि रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस समझौते का उल्लंघन लगातार हो रहा है, और इससे पहले 17 अप्रैल 2026 को लागू हुए पिछले युद्धविराम समझौते की भी बार-बार धज्जियां उड़ाई गईं।

अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र की अंतरिम बल संस्था UNIFIL ने पहले ही सभी पक्षों को याद दिलाया था कि क्षेत्र में शांति बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है। संस्था ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का सख्ती से पालन करने की बात कही थी और शांति सैनिकों को निशाना बनाए जाने को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया था। जमीन पर हालात लगातार बदल रहे हैं और हर दिन नए अपडेट सामने आ रहे हैं, जिससे आम जनता की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

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