लेबनान के Houla पर इसराइली सेना का बड़ा हमला, दक्षिणी इलाकों में भारी तबाही और तनाव बढ़ा

लेबनान के दक्षिणी इलाकों में इसराइली सैन्य बलों की तरफ से लगातार हमले जारी हैं और इसी कड़ी में 31 अगस्त 2026 को Houla शहर को निशाना बनाकर कई आर्टिलरी स्ट्राइक की गईं। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस गोलाबारी की चपेट में Mansouri और Buyout Al-Sayyad के इलाके भी आए हैं। इन हमलों ने आम लोगों की जिंदगी को बहुत मुश्किल में डाल दिया है और चारों तरफ डर का माहौल बना हुआ है। लोग अपने घरों और इलाकों को छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने को मजबूर हो रहे हैं क्योंकि हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं।
यह पूरा संघर्ष 2 मार्च 2026 को शुरू हुआ था और 16 अप्रैल 2026 से एक अस्थायी युद्धविराम भी लागू किया गया था, लेकिन इसके बावजूद हमलों का सिलसिला थमा नहीं है। हमलों से पहले 30 अगस्त 2026 को Houla के मेयर ने जानकारी दी थी कि इसराइली सैन्य अभियानों की वजह से गांव के करीब 90 प्रतिशत घर और बुनियादी ढांचा पूरी तरह बर्बाद हो चुका है। इन हमलों में एयरस्ट्राइक, जमीनी घुसपैठ और इमारतों को ढहाने का काम शामिल है, जिससे पूरा इलाका खंडहर में बदल गया है और लोगों के पास रहने के लिए कुछ नहीं बचा है।
राजनयिक तनाव और युद्धविराम पर विवाद
इस बीच कूटनीतिक स्तर पर तनाव काफी बढ़ गया है क्योंकि हिजबुल्लाह के नेता Naim Qassem ने इसराइल और लेबनान के बीच किसी भी नए फ्रेमवर्क समझौते को मानने से साफ इनकार कर दिया है। उनकी मांग है कि इसके बजाय नवंबर 2024 के पुराने युद्धविराम समझौते को ही सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। वहीं अमेरिकी विदेश विभाग यानी U.S. State Department ने 29 अगस्त 2026 को यह साफ किया कि केवल लेबनान की सरकार के पास ही इसराइली सेना की वापसी और हमलों को रोकने के लिए बातचीत करने का अधिकार है। लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने इन सभी सैन्य कार्रवाइयों को युद्धविराम और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है। उन्होंने अपनी सरकार की तरफ से यह बात फिर से दोहराई है कि देश की सुरक्षा से जुड़े सभी फैसले लेने का अधिकार केवल लेबनान सरकार के पास ही होना चाहिए।
UNIFIL की रिपोर्ट और सीमा पर हालात
इस बड़े संघर्ष के दौरान यूएनआईएफआईएल यानी UNIFIL की तरफ से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 21 अगस्त से 27 अगस्त 2026 के बीच दक्षिणी लेबनान में कुल 1,030 प्रोजेक्टाइल यानी मिसाइल और गोलियों के गुजरने की घटनाएं दर्ज की गईं, जिनका औसत रोजाना 147 बैठता है। इसराइल ने पहले ही अपनी मंशा साफ कर दी थी कि वह लिटानी नदी तक के इलाके पर कब्जा बनाए रखना चाहता है। इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने मार्च 2026 में बयान दिया था कि उनके सैनिक दक्षिणी लेबनान की पांच रणनीतिक चौकियों पर अपनी स्थायी मौजूदगी बनाए रखेंगे, जिससे आने वाले दिनों में तनाव और ज्यादा बढ़ने की आशंका बनी हुई है।