Israel News: बोस्निया के रिपुब्लिका स्र्पस्का में खुला इजरायली चैंबर ऑफ कॉमर्स का नया ऑफिस, राजनीतिक हलचल तेज.

गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को बोस्निया और हर्जेगोविना के रिपुब्लिका स्र्पस्का हिस्से के बान्या लुका शहर में इजरायली चैंबर ऑफ कॉमर्स का एक नया कार्यालय आधिकारिक तौर पर खोला गया। इस उद्घाटन समारोह में इजरायल के डायस्पोरा मामलों के मंत्री अमीचाइ चिक्ली और बोस्निया और हर्जेगोविना में इजरायल की राजदूत गालित पेलेग विशेष रूप से शामिल हुए। इस नए कार्यालय के प्रमुख इजरायली व्यवसायी अमीर ग्रॉस काबिरी हैं, जिन्होंने साल 2020 में एम.टी. अब्राहम ग्रुप के जरिए मोस्तार में एल्युमिनियम प्लांट का अधिग्रहण किया था।
समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर और आर्थिक सहयोग
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान, अमीर ग्रॉस काबिरी और रिपुब्लिका स्र्पस्का के अंतरराष्ट्रीय सहयोग कार्यालय की कार्यवाहक निदेशक आना त्रिशिच-बाबिच ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य आर्थिक, निवेश और तकनीकी क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और अधिक बढ़ाना है। रिपुब्लिका स्र्पस्का के राष्ट्रपति मिलोराद डोडिक ने जानकारी दी कि उनकी सरकार इजरायली तकनीकों को अपने यहां लाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम शुरू करने की योजना बना रही है। उन्होंने सर्ब और यहूदी लोगों के बीच पुराने ऐतिहासिक और राजनीतिक संबंधों का हवाला दिया। डोडिक ने बताया कि इस पहल की शुरुआत इस साल की शुरुआत में यरुशलम में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुई एक बैठक के दौरान हुई थी।
इजरायली नेतृत्व की प्रतिक्रिया और भविष्य की योजनाएं
इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग की ओर से भेजे गए एक संदेश में उम्मीद जताई गई कि यह नया कार्यालय उन्नत विनिर्माण, कृषि, जल प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करेगा। इसके साथ ही, यह दायरा पूरे बाल्कन क्षेत्र तक भी फैल सकता है। मंत्री अमीचाइ चिक्ली ने इस चैंबर को क्षेत्र में इजरायली हितों के लिए एक स्थायी कड़ी बताया। उन्होंने रिपुब्लिका स्र्पस्का के नेतृत्व को इजरायल और यहूदी लोगों का सच्चा मित्र करार दिया।
भूराजनीतिक चिंताएं और क्षेत्रीय चुनौतियां
इस नए कार्यालय के खुलने से राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा और चिंता का माहौल बन गया है। विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से यूरोपीय संघ के साथ बोस्निया की बातचीत में मुश्किलें आ सकती हैं। इसके अलावा, यदि इसमें सैन्य क्षेत्र में कोई सहयोग शामिल होता है, तो क्षेत्रीय तनाव भी बढ़ सकता है। राजदूत गालित पेलेग ने स्वीकार किया कि इस कार्यालय को रिपुब्लिका स्र्पस्का की सरकार द्वारा उपलब्ध कराया गया है और इस चैंबर को राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि पहले भी साराजेवो में ऐसे आयोजनों के लिए जगह मिलने में कठिनाई आई थी। पिछले तीन वर्षों में इजरायल और रिपुब्लिका स्र्पस्का के बीच कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों में लगातार तेजी आई है।