लेबनान में इसराइल का बड़ा ड्रोन हमला, मंसूरी शहर को बनाया निशाना, लगातार बढ़ रही है हिंसा.

मध्य पूर्व में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और आम लोगों की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। दक्षिण लेबनान के मंसूरी शहर को इसराइली ड्रोन हमलों ने निशाना बनाया है, जिससे इलाके में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही सैन्य कार्रवाइयों के बीच इस ताजा हमले ने क्षेत्र की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इसराइल और लेबनान के बीच चल रहे इस संघर्ष में आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है और लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
कफ़र रेमान में हुआ सबसे बड़ा नुकसान
बीते सोमवार यानी 7 सितंबर 2026 को कफ़र रेमान इलाके में इसराइली हवाई हमलों में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हमले में एक छोटे बच्चे यानी इन्फेंट की भी जान चली गई, जबकि दो लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी एनएनए (NNA) के अनुसार, एक अन्य हमले में आवासीय इमारत को निशाना बनाया गया जिसमें नौ लोगों की मौत हुई और पांच अन्य घायल हो गए। इसके अलावा एक कार पर हुए ड्रोन हमले में हिजबुल्लाह से जुड़े संगठन रिसाला स्काउट्स के दो पैरामेडिक्स की भी जान चली गई।
इसराइल की सैन्य कार्रवाई और दावे
इसराइली सेना यानी आईडीएफ (IDF) का कहना है कि उनके निशाने पर हिजबुल्लाह के हथियार रखने की जगहें और कमांड सेंटर थे। सेना ने यह भी दावा किया कि नागरिकों को कम से कम नुकसान हो, इसलिए सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। आईडीएफ का मानना है कि दक्षिण लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में हिजुबुल्लाह की आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी। दूसरी ओर, इसराइल ने आरोप लगाया कि हिजबुल्लाह ने उसके सैनिकों की तरफ दो विस्फोटक ड्रोन छोड़े थे जो समझौते का उल्लंघन था। यह सब तब हो रहा है जब बीते जून महीने में अमेरिका की मध्यस्थता से एक संघर्ष विराम समझौता हुआ था।
लेबनान के राष्ट्रपति ने जताई गहरी चिंता
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउं ने इन हमलों को नागरिक बुनियादी ढांचे के खिलाफ एक खतरनाक कदम बताया है। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों और वित्त मंत्रालय की इमारत पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। राष्ट्रपति ने पूरी तरह से इसराइल को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि वे संघर्ष विराम के नियमों को लागू करने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत दखल देने की अपील की है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2023 से अब तक इसराइली हमलों में लगभग 9,000 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना यूनिफिल (UNIFIL) ने सभी पक्षों से संयम बरतने और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का पालन करने की बात कही है।