Ramallah में इसराइली सेना और बसने वालों का हमला, गोलीबारी में कई फिलिस्तीनी घायल और गिरफ्तार.

Sushma Kumari19 September 20263 min read20 viewsWorld
Ramallah में इसराइली सेना और बसने वालों का हमला, गोलीबारी में कई फिलिस्तीनी घायल और गिरफ्तार.

कब्जे वाले वेस्ट बैंक के रामल्लाह जिले के अल-मुघय्यिर गांव में 19 सितंबर 2026 को इसराइली बसने वालों ने एक सशस्त्र हमला किया। इस दौरान हमलावरों ने फिलिस्तीनी रिहायशी इलाकों पर लाइव गोलियां चलाईं। गांव के एक अधिकारी मरजौक अबू नईम ने इस बात की पुष्टि की कि हमलावरों ने समुदाय के शआब अल-लोज इलाके पर धावा बोल दिया था। इस हिंसक घटना के बाद से स्थानीय लोगों में काफी डर और तनाव का माहौल बना हुआ है, और आम लोग अपने घरों में रहने को मजबूर हैं।

गांव का मुख्य रास्ता बंद और घरों पर छापेमारी

इस हमले के ठीक उसी समय इसराइली सेना ने भी गांव में घुसपैठ कर दी। सेना ने गांव का इकलौता प्रवेश द्वार पूरी तरह से बंद कर दिया और कई घरों में घुसकर तोड़फोड़ व छापेमारी की। इस सैन्य कार्रवाई के दौरान कई युवा फिलिस्तीनी पुरुषों के साथ मारपीट भी की गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरे अभियान के दौरान कुल नौ फिलिस्तीनियों का अपहरण कर लिया गया। अधिकारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की दमनकारी कार्रवाई से इलाके के हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं।

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याब्रूड़ और अकराबा में भी बढ़ी हिंसा

इस हिंसा का दायरा सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि याब्रूड़ गांव के प्रवेश द्वार के पास भी ऐसी ही घटना देखने को मिली। वहां इसराइली बसने वालों ने एक चलती हुई गाड़ी पर पत्थर बरसाए, जिससे पांच युवा फिलिस्तीनी मामूली रूप से घायल हो गए। इसके अलावा, दक्षिणी نابلس के अकराबा शहर में एक फिलिस्तीनी लड़की भी इसराइली हमले के दौरान चली गोलियों के छर्रे लगने से गंभीर रूप से घायल हो गई। घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट

कॉलोनाइजेशन एंड वॉल रेजिस्टेंस कमीशन ने इस बात पर जोर दिया है कि इसराइली सैन्य बलों और बसने वाले समूहों के बीच आपसी तालमेल लगातार बढ़ता जा रहा है। आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, अकेले अगस्त महीने में ऐसे 628 हमले दर्ज किए गए, जिनमें से 157 हमले अकेले रामल्लाह और अल-बीराह गवर्नरट में हुए थे। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, साल 2026 इस तरह की हिंसा के मामले में एक रिकॉर्ड साल बन चुका है, जहां औसतन हर दिन छह से ज्यादा ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।

अमेरिका में बढ़ती राजनीतिक हलचल

इस बढ़ते तनाव को देखते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका में भी राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका में 20 से ज्यादा सीनेटरों ने 16 सितंबर को एक प्रस्ताव पेश किया, जिसमें वेस्ट बैंक में हो रहे मानवाधिकारों के हनन और अमेरिकी नागरिकों की हत्याओं के बारे में पूरी जानकारी मांगी गई है। सीनेटर जीन शाहीन ने कहा कि फिलिस्तीनियों के खिलाफ हो रही इस तरह की चरमपंथी हिंसा कानून के राज को कमजोर करती है और दो-राज्य समाधान की संभावनाओं को खतरे में डालती है।

विस्थापन का बढ़ता संकट

इसराइली सेना का दावा है कि अल-मुघय्यिर में उनकी कार्रवाई मुख्य उपद्रवियों के खिलाफ सुरक्षा उपायों का हिस्सा थी। हालांकि, इस साल यानी 2026 के दौरान हुई इस भारी हिंसा और हमलों के कारण 2,500 से अधिक फिलिस्तीनी अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर हो चुके हैं और विस्थापित हो गए हैं। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी आप QNA News की आधिकारिक रिपोर्ट में देख सकते हैं।

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