गाजा सिटी पर इस्राइली सेना का बड़ा हमला, पांच फलस्तीनियों की मौत और सीजफायर पर मंडराया खतरा.

मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को इस्राइली सेना ने गाजा सिटी में ताबड़तोड़ हवाई हमले और जमीन पर सैन्य कार्रवाई की, जिसमें बच्चों समेत कम से कम पाँच फलस्तीनियों की जान चली गई। अल जज़ीरा के रिपोर्टर हनी महमूद ने जानकारी दी कि उन्होंने इस 35 मिनट के भीषण हमले के दौरान कम से कम 13 ड्रोन आसमान में उड़ते हुए देखे। इस दौरान भारी बमबारी हुई और स्पेशल फोर्स तथा स्थानीय लड़ाकों के बीच आमने-सामने की सीधी झड़पें भी हुईं।
अस्पताल और मेडिकल स्टाफ ने की पुष्टि
अल-शिफा अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि अल-कतीब इलाके में हुए एक ड्रोन हमले में दो बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य लोग बुरी तरह घायल हो गए। इसके अलावा मध्य गाजा के डेर एल-बलाह में एक अलग इस्राइली हमले के बाद अल-अक्सा शहादा अस्पताल ने एक और मौत की आधिकारिक पुष्टि की है। इस्राइली सेना ने सफाई देते हुए कहा कि यह सैन्य कार्रवाई हमास के एक बड़े और उच्च पदस्थ कमांडर को पकड़ने के लिए की गई थी, जिसे एक इस्राइली सुरक्षा अधिकारी ने संगठन की आंतरिक सुरक्षा सेवा का प्रमुख बताया है।
रक्षा मंत्री का बयान और सीजफायर का उल्लंघन
इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ ने इन तमाम सैन्य कार्रवाइयों का बचाव करते हुए कहा कि सरकार की नीति हमास के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने की है और वे पीछे नहीं हटेंगे। दूसरी तरफ हमास के अधिकारी इस्माइल अल-थवाबता ने बताया कि इस्राइली स्पेशल फोर्सेस को घुसपैठ की कोशिश के दौरान ही देख लिया गया था, जिसके बाद भारी हवाई गोलाबारी शुरू हो गई। ये तमाम हिंसक घटनाएं अक्टूबर 2025 से लागू एक शांति समझौते और सीजफायर के बावजूद लगातार जारी हैं।
मानवीय संकट और अंतरराष्ट्रीय चिंता
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 10 अक्टूबर 2025 से 24 अगस्त 2026 के बीच संघर्षविराम के कम से कम 4,379 बार उल्लंघन किए जा चुके हैं। इन लगातार हमलों की वजह से अब तक 1,320 फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है और 4,300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इसी बीच 1 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने तुरंत सैन्य अभियानों को रोकने की अपील की है। साथ ही एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इस्राइल पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के आदेशों का पालन न करने का गंभीर आरोप भी लगाया है। फलस्तीनी कैबिनेट ने लगातार बिगड़ते मानवीय हालात को लेकर चेतावनी दी है और संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम ने फंडिंग की कमी के चलते वेस्ट बैंक में खाद्य सहायता को आधा करने का बड़ा ऐलान किया है, जिससे गाजा में रह रहे 1.5 मिलियन लोग सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही अल-अक्सा मस्जिद के आसपास बढ़ते तनाव को देखते हुए फलस्तीनी प्रेसीडेंसी ने धार्मिक टकराव के और अधिक भड़कने की आशंका जताई है।