West Bank में इसराइली सेना का बड़ा अभियान, कई जगहों पर छापे और सैन्य चौकियां स्थापित

इसराइली सैन्य बलों ने 4 और 5 सितंबर 2026 को कब्जे वाले वेस्ट बैंक में कई बड़े पैमाने पर अभियान चलाए, जिसमें जेनिन के दक्षिण-पश्चिम में स्थित याबाद शहर पर एक बड़ा हमला भी शामिल था। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 15 इसराइली सैन्य वाहन याबाद में दाखिल हुए और सैनिकों ने मुख्य रास्तों पर मिट्टी के टीले बनाकर उन्हें पूरी तरह से बंद कर दिया। शहर में बड़े पैमाने पर घरों की तलाशी ली गई और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
याबाद में बनाया गया फील्ड पूछताछ केंद्र
याबाद के मेयर सामेर अबू बक्र ने बताया कि इसराइली सैनिकों ने स्थानीय फिलिस्तीनी निवासी इब्राहिम अमौर के घर को जबरन एक फील्ड पूछताछ केंद्र में बदल दिया। इस दौरान दर्जनों स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई, कई लोगों को घंटों तक हिरासत में रखा गया और कुछ युवकों के साथ मारपीट की खबरें भी सामने आई हैं। निवासियों ने यह भी बताया कि तलाशी के दौरान कई घरों का सामान बुरी तरह से तोड़ दिया गया और नुकसान पहुंचाया गया।
अन्य शहरों में भी जारी रही सैन्य गतिविधियां
तुलकरम के उत्तर में स्थित नाज्ला अल-शारकिया और काफिन इलाकों में भी 5 सितंबर को बड़े स्तर पर छापे मारे जाने की पुष्टि हुई। जेनिन शहर से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया जिनकी पहचान अदवान अल-क्रूज, उनकी मां और मोहम्मद नासिर अल-सादी के रूप में हुई है। इसके अलावा, बेथलेहम के पूर्व में स्थित कंटेनर चेकपॉइंट पर सैनिकों ने करीम असाक्रा को हिरासत में ले लिया। कलंदिया शरणार्थी शिविर के पास काफ्र अकाब में एक छापे के दौरान इसराइली बलों ने लाइव गोलियों और स्टन ग्रेनेड का भी इस्तेमाल किया।
काबिया में गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी
इससे पहले 4 सितंबर को काबिया शहर में छह लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनके नाम यासर अबू राजा, अहमद अब्दुल-रऊफ अल-साहू, खालिद अबू राबाह, अहमद अल-माहेर, इसाम महमूद शेख रशीद और अब्दुल रहीम महमूद शेख रशीद हैं। इसराइली रक्षा बलों (IDF) ने बयान जारी कर बताया कि उनके कमांडो ने आतंकवादी हमलों की योजना बनाने के संदेह में पांच फिलिस्तीनियों को पकड़ा है और उनके पास से एक M16 राइफल, गोला-बारूद और सैन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हालिया कार्रवाइयों के लिए IDF की सराहना की और नाकाबंदी तथा नाबुलस में हथियारों के दर्जनों कारखानों को नष्ट किए जाने का विशेष रूप से उल्लेख किया।
फिलिस्तीनी अधिकारियों और सेना के अलग-अलग तर्क
4 सितंबर को चलाए गए इन अभियानों में रुम्माना, जबाब्देह, काफ्र दान, अल-फराह शरणार्थी शिविर, तम्मून, दीर अल-घुसुन, सालेम, दीर जरिर, काफ्र मलिक, अबू सुनेइना, बनी नईम और हब्ला सहित कई शहर और कस्बे निशाने पर रहे। फिलिस्तीनी अधिकारियों ने इन लगातार तेज हो रही कार्रवाइयों को वेस्ट बैंक पर औपचारिक कब्जा जमाने और एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी देश बनने की उम्मीदों को कमजोर करने वाला कदम बताया है। दूसरी ओर, इसराइली सेना यानी IDF का कहना है कि ये सभी अभियान आतंकवाद के खिलाफ उठाए जा रहे जरूरी और एहतियाती कदम हैं।