दक्षिणी लेबनान में इसराइली सेना का बड़ा हमला, 1100 टन विस्फोटक से तबाह किया हिजबुल्लाह का ठिकाना।

Nura Basta11 September 20263 min read27 viewsWorld
दक्षिणी लेबनान में इसराइली सेना का बड़ा हमला, 1100 टन विस्फोटक से तबाह किया हिजबुल्लाह का ठिकाना।

लेबनान के दक्षिणी हिस्से में इसराइली सेना ने एक बहुत बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम देते हुए हिजबुल्लाह के अंडरग्राउंड नेटवर्क को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान 1,100 टन विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया जिससे अली अल-ताहर रिज के नीचे बना दो किलोमीटर से अधिक लंबा सुरंग नेटवर्क मलबे में तब्दील हो गया। इस भारी धमाके की गूंज और कंपन इतनी तेज थी कि इसका असर दूर-दूर तक महसूस किया गया और संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण यानी USGS ने इसकी पुष्टि करते हुए इसे 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया। लेबनान की आधिकारिक समाचार एजेंसी एनएनए के अनुसार स्थानीय नागरिकों ने इस जोरदार धमाके के झटके को स्पष्ट रूप से महसूस किया जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

इसराइली सेना प्रमुख की कड़ी चेतावनी

इस बड़ी सैन्य सफलता के बाद इसराइली सेना प्रमुख इयाल ज़मीर ने आगामी 11 सितंबर 2026 को यह स्पष्ट रूप से कहा कि इस देश को किसी भी कीमत पर हिजबुल्लाह को अपनी सैन्य ताकत फिर से जुटाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि लेबनान का जो भी गांव आतंकवादी बुनियादी ढांचा तैयार करेगा या उसे पनाह देगा, वह खुद अपने लिए बड़ा खतरा मोल लेगा। सेना प्रमुख ने यह भी जोड़ा कि उत्तरी इस्राइल की बस्तियों या फिर आईडीएफ के जवानों पर होने वाले किसी भी हमले का मुंहतोड़ और तुरंत जवाब दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस्राइल और लेबनान सरकारों के बीच किसी भी संभावित समझौते का भविष्य पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि लेबनानी सेना जमीन पर कितनी मजबूती और प्रभावशीलता दिखाती है।

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ईरान की फंडिंग से तैयार हुआ था यह ढांचा

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने एक साझा बयान जारी कर यह जानकारी दी कि तबाह की गई यह सुरंगे कोई साधारण ठिकाना नहीं बल्कि पिछले दो दशकों में ईरान की पूरी फंडिंग और योजना के तहत तैयार किया गया एक रणनीतिक केंद्र था। इस भूमिगत परिसर के अंदर हिजबुल्लाह की बदर यूनिट का मुख्य कमांड सेंटर भी चलाया जा रहा था। इसके अलावा इस जगह पर हथियारों का भारी जखीरा छिपाकर रखा गया था जिसमें ईरान में बनी मिसाइलें, रॉकेट, मानव रहित विमान यानी यूएवी और टैंक रोधी मिसाइलें शामिल थीं। इस ठिकाने के भीतर सैनिकों के रहने के लिए कमरे और जनरेटर रूम जैसी तमाम आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की गई थीं।

रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रिज पर पूरा नियंत्रण

देश के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने यह पुष्टि की कि इसराइली सैन्य बलों ने अली अल-ताहर रिज पर जमीन के ऊपर और नीचे दोनों तरफ से पूर्ण परिचालन नियंत्रण हासिल कर लिया है। उन्होंने साफ कर दिया कि सेना वहां अपनी मौजूदगी बनाए रखेगी ताकि हिजबुल्लाह को दोबारा उस जगह पर पैर जमाने का मौका न मिल सके। रक्षा मंत्री ने यह भी जोड़ा कि इस्राइल अपनी इस सैन्य मुहिम को और आगे बढ़ाने तथा अन्य स्थानों पर भी हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बड़े विध्वंसक अभियान को शुरू करने से पहले आईडीएफ के जवानों की वहां छिपे आतंकवादियों के साथ सीधी मुठभेड़ भी हुई थी, जिसमें एक underground शाफ्ट से सैनिकों पर गोलीबारी कर रहे दो हमलावरों को मार गिराया गया था।

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