वेस्ट बैंक में इसराइली सेना ने तोड़े घर, नाबुलस में बुलडोजर चलाकर किए कई परिवार बेघर

फिलीस्तीन के वेस्ट बैंक इलाके में इसराइली सेना की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। हाल ही में 31 अगस्त 2026 को इसराइली बलों ने एक बड़े सैन्य बुलडोजर का इस्तेमाल करते हुए नाबुलस के नए इलाके में फिलीस्तीनी नागरिकों के दो रिहायशी मकानों को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान जिन इमारतों को गिराया गया, उनमें से एक दो मंजिला घर था जो Omar Sa'ad का था, जबकि दूसरी तीन मंजिला अधूरी इमारत Fadi Nasser की थी। इन इमारतों का हर एक फ्लोर करीब 200 वर्ग मीटर में फैला हुआ था और इस तोड़फोड़ के बाद कुल आठ अपार्टमेंट पूरी तरह से तबाह हो गए, जिससे कई लोग बेघर हो गए।
बिल्डिंग परमिट न होने का दिया गया हवाला
इसराइली अधिकारियों ने इन घरों पर बुलडोजर चलाने के पीछे यह वजह बताई कि इन मकानों के निर्माण के लिए जरूरी अनुमति या बिल्डिंग परमिट नहीं लिया गया था। हालांकि मानवाधिकार संगठनों और स्थानीय फिलीस्तीनी नागरिकों का कहना है कि एरिया सी और पूर्वी यरुशलम जैसे इलाकों में इसराइली प्रशासन से नक्शा पास कराना या बिल्डिंग परमिट हासिल करना लगभग नामुमकिन है। लोगों का आरोप है कि इस तरह के नियमों का हवाला देकर असल में जमीन पर कब्जा करने और फिलीस्तीनी बस्तियों को हटाने का काम किया जा रहा है, जिससे आम लोगों की जिंदगी बेहद मुश्किल होती जा रही है।
बेतहम में बस्तियों का तेजी से विस्तार
एक तरफ जहां नाबुलस में घरों को गिराया जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ इसराइली बस्तियों के लोग बेथेलहम गवर्नरट के अल-कारन इलाके में एक नई चौकी बसाने के लिए लगातार ढांचागत काम कर रहे थे। स्थानीय रिपोर्ट्स से इस बात की पुष्टि हुई कि सेटलर की भारी मशीनों ने बड़े पैमाने पर जमीन को समतल किया ताकि सुरक्षा बाड़ का विस्तार किया जा सके। इसके अलावा जबल ऐन अल-फकियाह इलाके में भी ऐसी ही गतिविधियां देखी गईं। इस तरह की घटनाएं इस साल क्षेत्र में लगातार बढ़ रही हैं, और वॉल एंड कॉलोनाइजेशन रेसिस्टेंस कमीशन की रिपोर्ट के मुताबिक केवल साल 2026 के शुरुआती छह महीनों में ही सेटर्स द्वारा 3,488 हमले दर्ज किए गए हैं।
पूरे क्षेत्र में बढ़ा तनाव और मानवीय संकट
वेस्ट बैंक के अलग-अलग हिस्सों में हालात पहले से ही काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। हाल ही में 30 अगस्त को हेब्रोन के पुराने शहर में जबरन दुकानें बंद कराने के मामले सामने आए और बिरजीत के पास पत्रकारों पर भी हमले की खबरें आईं। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय UN OCHA के मुताबिक, इन तमाम घटनाओं की वजह से अधिकृत फिलीस्तीनी क्षेत्र में मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।