West Bank Tension: इसराइल और फ़लस्तीन में बढ़ा तनाव, घरों पर चला बुलडोज़र और लोगों ने बचाई संपत्ति

Aanya2 September 20263 min read40 viewsWorld
West Bank Tension: इसराइल और फ़लस्तीन में बढ़ा तनाव, घरों पर चला बुलडोज़र और लोगों ने बचाई संपत्ति

कब्जे वाले West Bank में इसराइली सेना और स्थानीय लोगों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। फ़लस्तीनी लोग अपनी संपत्ति को बचाने के लिए अपने नंगे हाथों से कोशिश कर रहे हैं, जबकि इसराइली सेना बुलडोज़र का इस्तेमाल करके जमीन को समतल कर रही है और मिर्च के स्प्रे का भी खुलकर इस्तेमाल कर रही है। यह सब हाल के दिनों में तेज हुई विध्वंस की एक बड़ी मुहिम का हिस्सा है, जो मुख्य तौर पर Nablus शहर में देखने को मिल रही है। 2 सितंबर 2026 को इसराइली सेना ने इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जमीन समतल करने का काम किया, पेड़ों को उखाड़ा, फील्ड पूछताछ की और कई घरों की तलाशी ली।

घरों को गिराने और इमारतों को तोड़ने की कार्रवाई

1 सितंबर 2026 को इसराइली अधिकारियों ने Nablus में फ़लस्तीनियों की दो आवासीय इमारतों को गिरा दिया, जिनमें कुल आठ अपार्टमेंट शामिल थे। इस तबाही में एक दो मंजिला घर और एक तीन मंजिला इमारत शामिल थी जो अभी भी बन रही थी। अधिकारियों ने इन तोड़क कार्रवाईयों के पीछे यह दलील दी कि इन इमारतों के पास इसराइल से जारी किए गए बिल्डिंग परमिट नहीं थे। इसी तरह के ऑपरेशन रामल्ला के उत्तर में स्थित Birzeit में भी चलाए गए, जहां इसी कारण से दो और आवासीय इमारतों को जमींदोज कर दिया गया। 31 अगस्त 2026 को इसराइली सेना ने सैन्य बुलडोज़र का उपयोग करके नए नाबुलस क्षेत्र में दो घरों को ध्वस्त कर दिया, जिसमें एक दो मंजिला निवास और एक अधूरा तीन मंजिला ढांचा भी शामिल था। इसके अलावा, Birzeit में दो ऐसी इमारतें भी गिरा दी गईं जिनमें लोग 1998 से रह रहे थे, जिससे वहां के निवासी बेघर हो गए।

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बढ़ती हिंसा और धार्मिक स्थलों पर हमले

क्षेत्र से आ रही रिपोर्टों से यह पता चलता है कि वहां हिंसा का एक बड़ा पैटर्न चल रहा है। 2 सितंबर 2026 को Jannatah में लगभग 30 इसराइली कार्यकर्ताओं और धार्मिक यहूदियों पर स्थानीय फ़लस्तीनियों की रक्षा करने की कोशिश के दौरान बसने वालों यानी सेटलर्स ने पत्थरों और मिर्च के स्प्रे से हमला कर दिया। 1 सितंबर 2026 को सेटलर्स के एक बड़े समूह ने रामल्ला के पूर्व में स्थित Burqa गांव पर धावा बोल दिया, जहां उन्होंने निवासियों पर हमला किया, वाहनों में आग लगाने की कोशिश की और मवेशी चुरा लिए। उसी दिन, सेटलर्स ने कब्जे वाले यरूशलेम में एक फ़लस्तीनी बस के यात्रियों पर मिर्च के स्प्रे का इस्तेमाल किया और नाबुलस के उत्तर-पश्चिम में स्थित Bizzariya में नूरेद्दीन जेनकी मस्जिद में आग लगाने की कोशिश की, जहां नस्लवादी नारे भी स्प्रे किए गए। फ़लस्तीनी मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा की और इसे धार्मिक स्थलों के खिलाफ एक सोची-समझी कार्रवाई बताया।

खाद्य सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय चिंताएं

विश्व खाद्य कार्यक्रम WFP ने फंड की कमी के कारण West Bank के परिवारों को मिलने वाली सहायता में 50% की कटौती करने की घोषणा की। फिलिस्तीन के लिए WFP के देश निदेशक Shaun Hughes ने बताया कि सहायता में यह कटौती बढ़ती हुई सेटलर हिंसा, सैन्य अभियानों और विस्थापन के कारण और अधिक गंभीर हो गई है, जिससे भुखमरी का संकट और बढ़ गया है। दीवार और उपनिवेशवाद प्रतिरोध आयोग के अनुसार, जुलाई 2026 में हुए 70 विध्वंस अभियानों में 155 फ़लस्तीनी संरचनाओं को नष्ट कर दिया गया, जिनमें 39 रहने योग्य घर और 99 कृषि सुविधाएं शामिल थीं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने बताया कि अगस्त 2026 में सेटलर हिंसा अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई और यह भी नोट किया गया कि ऐसी हरकतें अक्सर इसराइली सेना के साथ मिलकर की जाती हैं। ये सभी कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय जांच के दायरे में हैं, क्योंकि चौथा जिनेवा सम्मेलन और हेग नियम कब्जा किए गए क्षेत्रों में संपत्ति के विनाश और सामूहिक सजा पर पूरी तरह रोक लगाते हैं।

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