West Bank: अल-मुघय्यर गांव में इसराइली सेना का कड़ा पहरा, 20 घंटे से रास्ते बंद और लोग घरों में कैद.

कब्जे वाले वेस्ट बैंक के अल-मुघय्यर गांव में हालात बहुत ज्यादा खराब हो गए हैं और वहां के लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसराइली सेना ने गांव के इकलौते पश्चिमी रास्ते को 20 घंटे से ज्यादा समय से पूरी तरह बंद कर रखा है। इस वजह से गांव के अंदर रहने वाले लोग अपने घरों में ही फंस गए हैं और बाहर से आने जाने वाले लोगों को भी रोक दिया गया है। गांव के लोगों का बाहर की दुनिया से संपर्क कट सा गया है और जरूरी काम के लिए भी निकलना मुश्किल हो गया है।
निवासियों पर कड़ी पाबंदियां और घुटता हुआ माहौल
अल-मुघय्यर गांव की स्थिति को लेकर फिलिस्तीनी विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह पूरा इलाका पिछले लगभग 20 दिनों से बेहद घुटन भरे घेरे में है। इस दौरान स्थानीय लोगों को दिन भर में केवल दो घंटे ही घर से बाहर निकलने की छूट दी जा रही है। मंत्रालय ने शनिवार, 29 अगस्त 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी किया जिसमें इन सख्त पाबंदियों की कड़ी निंदा की गई। बयान में कहा गया कि यह कदम इस इलाके को आर्थिक और सैन्य रूप से पूरी तरह अलग-थलग करने की एक सोची-समझी कोशिश है ताकि यहां के मूल निवासियों को उनकी जमीनों से भगाया जा सके। सरकार ने इस गंभीर संकट से निपटने के लिए तुरंत अंतरराष्ट्रीय दखल देने की मांग की है क्योंकि मेडिकल इमरजेंसी के समय एंबुलेंस तक को गांव के अंदर आने से रोका जा रहा है।
हिंसा और हमलों का बढ़ता सिलसिला
गांव में इस पाबंदी के साथ-साथ हिंसा की घटनाएं भी लगातार बढ़ती जा रही हैं। शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को यहूदी प्रवासियों ने गांव पर हमला कर दिया जिसमें तीन फिलिस्तीनी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। रिपोर्ट के अनुसार इस घटना के दौरान इसराइली सेना और हमलावरों ने एक एंबुलेंस को भी रोक कर रखा था। इसके बाद शनिवार की शाम को भी इसराइली सेना की सुरक्षा में कुछ colonists ने गांव के पश्चिमी हिस्से में दोबारा घुसपैठ की। इस दौरान हमलावरों ने एक फिलिस्तीनी घर पर धावा बोलने की कोशिश की और स्थानीय जमीनों पर अपनी भेड़ें चराईं। इन सब के बीच इसराइली सैनिकों ने विरोध कर रहे लोगों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और एक महिला के साथ मारपीट भी की। गांव का पश्चिमी गेट पिछले 28 अगस्त से ही ज्यादातर समय बंद है और दिनभर में केवल कुछ ही मिनटों के लिए खोला जाता है जिससे लोगों का गुस्सा और परेशानी दोनों बढ़ती जा रही हैं।