दक्षिणी लेबनान में इसराइल का बड़ा हमला, बानी हयान शहर में कई धमाके और हवाई हमलों से मची तबाही.

लेबनान के दक्षिणी इलाकों में इसराइली सेना ने अपनी सैन्य कार्रवाई को और अधिक तेज कर दिया है। 5 सितंबर 2026 को लेबनान के सरकारी मीडिया ने जानकारी दी कि इसराइली सैन्य बलों ने बानी हयान शहर में कई बड़े धमाके किए हैं। यह कार्रवाई लगातार चल रही तोपबारी के बाद सामने आई है जो 4 सितंबर 2026 को शुक्रवार से शुरू हुई थी और 5 सितंबर को सुबह 3 बजे के बाद भी जारी रही। इस दौरान इसराइली सेना ने गांव के भीतर सर्च ऑपरेशन भी चलाया है।
लेबनान और बेरूत के उपनगरों में हवाई हमले तेज
दक्षिणी लेबनान और बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में सैन्य गतिविधियों का दायरा काफी बढ़ गया है। 5 सितंबर की सुबह हानिन, नकौरा और खियाम जैसे शहरों में इसराइली वायु सेना ने कई हवाई हमले किए। लेबनान के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार 4 सितंबर को हुए इसराइली हमलों में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई और 24 लोग घायल हो गए। मरने वालों में दो ऐसे लोग भी शामिल थे जो नबातिएह में मोटरसाइकिल पर जा रहे थे और उन पर ड्रोन से हमला किया गया था। इसके अलावा कफर रुम्माने और रमादिएह में भी एक रिहायशी मकान पर हमले के बाद लोगों की जान चली गई। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी बताया कि रमादिएह में हुए हमले की वजह से कुल 15 लोग घायल हुए, जिनमें 6 पैरामेडिक्स, 3 महिलाएं और 2 बच्चे शामिल थे।
इसराइली सेना का पक्ष और हिजबुल्लाह का जवाब
इसराइल डिफेंस फोर्सेस यानी IDF ने 5 सितंबर को आधिकारिक तौर पर बयान दिया कि उन्होंने रात भर में हिजबुल्लाह के सैन्य ठिकानों और आतंकवादियों को निशाना बनाया है। सेना का कहना था कि यह कदम शुक्रवार शाम को इसराइली सैनिकों को निशाना बनाकर किए गए हिजबुल्लाह के ड्रोन हमले के जवाब में उठाया गया था। इसके अलावा, इसराइली सेना ने यह भी दावा किया कि उनके सैनिकों ने अली अल-ताहर रिज पर अपना ऑपरेशनल कंट्रोल यानी पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लिया है। हालांकि, हिजबुल्लाह ने इस दावे को आधिकारिक तौर पर खारिज कर दिया है। इसराइली सेना का यह तर्क है कि उनके सैनिकों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए इन खतरों को खत्म करना बहुत जरूरी है।
जून के समझौते के बावजूद तनाव बरकरार
लेबनान और इसराइल के बीच यह ताजा तनाव उस समय बढ़ रहा है जब हाल ही में अमेरिका की मध्यस्थता से एक फ्रेमवर्क समझौता हुआ था। जून महीने में हुए इस समझौते के तहत दक्षिणी लेबनान से इसराइली सेना को धीरे-धीरे पीछे हटना था और उसकी जगह लेबनान की सुरक्षा बलों को संभालना था। अगस्त के महीने में रोम में लेबनान और इसराइल के बीच सुरक्षा वार्ताओं का सातवां दौर भी पूरा हुआ था, लेकिन इसके बावजूद दोनों देशों के बीच जमीनी हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और आम नागरिकों को इसका सबसे बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।