West Bank में इसराइली सेना का बड़ा ऑपरेशन, घरों को गिराया और बस्तियों का तेजी से हो रहा विस्तार.

इसराइल और फिलिस्तीन के बीच हालात एक बार फिर से काफी ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं। कब्जे वाले वेस्ट बैंक इलाके में इसराइली सेना की तरफ से लगातार छापेमारी और गिरफ्तारियां की जा रही हैं। 1 सितंबर 2026 तक सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, इस सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ बस्तियों का तेजी से विस्तार भी किया जा रहा है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। इस दौरान कई इलाकों में घरों को भी तोड़ा गया है, जिससे स्थानीय परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वेस्ट बैंक में घरों और जमीनों पर कार्रवाई
ताजा सैन्य अभियानों के तहत बिरzeit और नाबुलस में कई घरों को बुलडोजर चलाकर गिरा दिया गया है। इस कार्रवाई के पीछे इमारतों के पास नक्शा या निर्माण अनुमति न होने का हवाला दिया गया है। फिलिस्तीनी राष्ट्रपति की चर्च मामलों की उच्च समिति ने इस बात की कड़ी निंदा की है। समिति ने बताया कि इस तरह की कार्रवाई में एक ईसाई परिवार का घर और उसकी कृषि योग्य जमीन को पूरी तरह से तबाह कर दिया गया है। इसे जमीन पर कब्जा करने की एक सोची-समझी कोशिश बताया गया है। इसके अलावा, इसराइली सैनिकों ने नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर इтаमार बेन-गवीर के साथ मिलकर कब्जे वाले पूर्वी येरुशलम में स्थित UNRWA कलंदिया ट्रेनिंग सेंटर पर छापा मारा। इस दौरान वहां मौजूद सामानों को तीतर-बितर किया गया और संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचाया गया है।
बस्तियों के विस्तार का नया प्लान
एक तरफ सेना की कार्रवाई चल रही है, तो दूसरी तरफ इसराइली सरकार ने नई बस्तियों को बसाने के काम को और तेज कर दिया है। फाइनेंस मिनिस्टर बेजालेल स्मोत्रिच ने हाल ही में 22 नई अवैध बस्तियों को बनाने की घोषणा की है। इसके साथ ही एली बस्ती में 763 नए यूनिट बनाने की योजना पर भी काम शुरू किया जा रहा है। ये सारे कदम जेनिन के पास नोआ बस्ती के उद्घाटन के बाद उठाए गए हैं, जो इस साल उत्तरी वेस्ट बैंक में आठवीं बस्ती है। इसके अलावा बेथलेहम के दक्षिण में मिशमार येहुदा बस्ती को लेकर भी योजनाएं बनाई जा रही हैं। इसराइली अधिकारियों ने इन सभी कदमों को इस क्षेत्र के ऐतिहासिक और बाइबिल के संदर्भों से जोड़कर सही ठहराने की कोशिश की है।
हिंसा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध
संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (OCHA) के आंकड़ों के मुताबिक, वेस्ट बैंक में सेटलर हिंसा यानी यहूदी बस्तियों के लोगों द्वारा की जाने वाली हिंसा अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। अगस्त 2026 की शुरुआत तक OCHA ने 1,430 से ज्यादा ऐसी घटनाएं दर्ज की हैं। इस साल अब तक वेस्ट बैंक में 76 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें 18 बच्चे भी शामिल हैं। हिंसा और बुनियादी ढांचे के नष्ट होने की वजह से करीब 3,800 लोग बेघर हो चुके हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान बाज़ारिया स्थित नूर अल-दिन जेंगी मस्जिद में आग लगाने की कोशिश की गई, जिसकी फिलिस्तीनी मंत्रालय ने कड़ी निंदा की है। इस मामले में इसराइली पुलिस ने 16 से 20 साल के आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, इसराइल के कई पूर्व सैन्य अधिकारियों ने भी इस तरह की हिंसा की खुलकर निंदा की है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयरलैंड यूरोपीय संघ के देशों से अवैध बस्तियों में बनने वाले सामानों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहा है। इस पूरी स्थिति की आधिकारिक जानकारी Ministry of Foreign Affairs की वेबसाइट पर भी दी गई है, जहां इसराइल की नीतियों और बस्तियों के विस्तार को लेकर बातें कही गई हैं।