इसराइली सुरक्षा बलों ने कलंदिया शरणार्थी शिविर में स्थित UNRWA सेंटर पर फिर बोला धावा, मचा हड़कंप.

Occupied West Bank के Qalandia refugee camp में 30 अगस्त 2026 को इसराइली सुरक्षा बलों ने एक बार फिर से बड़ा छापा मारा। Wafa news agency और Al Jazeera English की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने संयुक्त राष्ट्र यानी UNRWA द्वारा संचालित Qalandiya Vocational Training Center के परिसर में घुसकर कब्जा जमा लिया और चारों तरफ फैल गए। इस घटना से इलाके में तनाव का माहौल काफी ज्यादा बढ़ गया है और आम लोगों के बीच चिंता की स्थिति बनी हुई है।
पहले भी हुई थी तोड़फोड़ और लूटपाट की घटना
इससे पहले भी इसराइली सैनिकों ने इसी महीने यानी 25 अगस्त 2026 को जबरन इस UNRWA केंद्र में प्रवेश किया था और सैनिक लगभग 28 अगस्त 2026 के आसपास वहां से बाहर निकले थे। जब सैनिक वहां से गए, तब संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने जांच के दौरान पाया कि उस सेंटर के अंदर भारी तोड़फोड़ की गई थी और काफी सामान लूटा भी गया था। UNRWA के अधिकारियों का कहना है कि इस घटना में उनके कुल साजो-सामान और संपत्तियों को मिलाकर 5 मिलियन डॉलर यानी 50 लाख डॉलर से ज्यादा का भारी नुकसान हुआ है। इस एजेंसी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत और कड़े कदम उठाने की अपील की है क्योंकि उनका साफ कहना है कि यह केंद्र संयुक्त राष्ट्र का एक सुरक्षित ठिकाना है और इस तरह के छापे अंतरराष्ट्रीय कानून का साफ उल्लंघन करते हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही है कड़ी निंदा
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव Antonio Guterres के प्रवक्ता ने पिछले 25 अगस्त को हुई इस घुसपैठ की कड़ी निंदा की है और यह साफ किया है कि यह ट्रेनिंग सेंटर और UNRWA से जुड़ी हर इमारत पूरी तरह से सुरक्षित और किसी भी प्रकार की दखलंदाजी से बाहर है। इसके अलावा Jerusalem Governorate ने भी इस छापेमारी की पुष्टि की है। वहीं फिलिस्तीनी विदेश मंत्रालय ने इस कार्रवाई को संयुक्त राष्ट्र को मिलने वाली विशेष छूट और सुरक्षा के अधिकारों पर सीधा हमला बताया है। इस मामले में यूरोपीय संघ यानी European Union और उसके 14 सदस्य देशों ने मिलकर इस गैरकानूनी एंट्री की कड़ी निंदा की है। विरोध करने वाले इन देशों में Belgium, Brazil, Canada, Denmark, France, Germany, Ireland, Italy, Japan, Netherlands, Norway, Spain, Switzerland और United Kingdom शामिल हैं, जिन्होंने पूर्वी येरुशलम में UNRWA की संपत्तियों पर कब्जे के खिलाफ आवाज उठाई है।
इसराइली अधिकारियों का पक्ष और कड़ा रुख
दूसरी तरफ इसराइली अधिकारियों का इस मामले में बिल्कुल अलग रुख सामने आया है। इस्राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने पिछले 25 अगस्त को ही इस केंद्र से UNRWA के सभी कर्मचारियों को बाहर निकालने का आदेश दिया था। उन्होंने एक नए कानून का हवाला देते हुए यह आरोप लगाया कि यह एजेंसी हमास के आतंकवादियों को पनाह देने का काम कर रही है। इस्राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री Itamar Ben-Gvir खुद इस छापेमारी में शामिल रहे और उन्होंने दावा किया कि इस इमारत को खाली कराने का अभियान शुरू कर दिया गया है। उनका यह भी कहना है कि येरुशलम और इस्राइल में इस एजेंसी के लिए कोई जगह नहीं है और Kafr Aqab से भी इस एजेंसी को हटाने के लिए प्रयास लगातार जारी हैं।