Syria News: इसराइल सेना ने सीरिया के तaranja गांव में की छापेमारी, घर की तलाशी से मचा हड़कंप।

सीरिया के दक्षिण हिस्से में सुरक्षा हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और हाल ही में इसराइली सैन्य बलों ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सीरियाई सरकारी मीडिया Alikhbariah TV के मुताबिक, इसराइली सैन्य बलों ने बुधवार, 26 अगस्त 2026 की शाम को दक्षिण-पश्चिमी सीरिया के उत्तरी कुनेत्रह ग्रामीण इलाके में स्थित Taranja गांव में प्रवेश किया। इस दौरान इसराइली सैनिकों ने गांव के एक निजी घर पर छापा मारा और वहां तलाशी अभियान चलाया। इस घटना को सबसे पहले अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान Al Jazeera English ने 27 अगस्त 2026 को क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर अपने लाइव अपडेट के दौरान प्रमुखता से उजागर किया था, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।
कुनेत्रह और दाराव प्रांतों में बढ़ाई गई सैन्य हलचल
यह ताज़ा घटनाक्रम कुनेत्रह और दाराव प्रांतों में चल रही लगातार सैन्य गतिविधियों का ही एक हिस्सा है। दिसंबर 2024 में बशर अल-असद शासन के पतन के बाद से ही इसराइल ने साल 1974 के अलगाव समझौते को समाप्त घोषित कर दिया था और सीरियाई बफर जोन पर अपना कब्जा जमा लिया था। इसके बाद से ही इस इलाके में लगातार तनाव देखा जा रहा है। इसी कड़ी में, 24 अगस्त 2026 को भी इसराइली बलों ने इस क्षेत्र के कई अन्य गांवों में इसी तरह के तलाशी अभियान चलाए थे। दिलचस्प बात यह है कि यह कार्रवाई सीरियाई विदेश मंत्री Asaad al-Shaibani द्वारा जॉर्डन की यात्रा के ठीक एक दिन बाद हुई, जहां उन्होंने अमेरिकी मध्यस्थता से हुई डी-एस्केलेशन (तनाव कम करने) वार्ताओं में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था।
सीरिया की मांग और इसराइल का कड़ा रुख
जॉर्डन में हुई इन वार्ताओं के दौरान सीरिया ने इसराइली नीयत पर गहरा अविश्वास जताते हुए दिसंबर 2024 से पहले की स्थितियों में पूरी तरह से पीछे हटने और साल 1974 के समझौते को फिर से बहाल करने की कड़ी मांग रखी थी। सीरिया का मानना है कि इसराइली सेना का इस तरह से अंदरूनी गांवों में घुसना उनकी संप्रभुता का खुला उल्लंघन है। हालांकि, इन diplomatic कोशिशों के बावजूद जमीन पर स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। हालिया सैन्य गतिविधियों में 22 अगस्त 2026 को एक नागरिक वाहन पर किया गया ड्रोन हमला भी शामिल है, जिसे इसराइल ने किसी 'आतंकवादी' को निशाना बनाने की कार्रवाई बताया था। इसके अलावा, 18 अगस्त 2026 को इदलिब प्रांत में स्थित Abu al-Duhur Military Airbase पर हवाई हमले किए गए थे, जिसे इसराइल ने तुर्की के सैन्य जमावड़े को रोकने के लिए जरूरी कदम बताया था।
सुरक्षा खतरे बने रहने तक सीरिया में रहेगा इसराइल
क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे तनाव और सैन्य मुलाकातों के बीच इसराइली नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। इसराइली रक्षा मंत्री Israel Katz ने 25 अगस्त 2026 को अपने एक बयान में स्पष्ट किया कि जब तक क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर खतरे बने रहेंगे, तब तक इसराइली बल दक्षिणी सीरिया में ही मौजूद रहेंगे। रक्षा मंत्री के इस रुख का समर्थन करते हुए आर्मी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल Eyal Zamir ने भी 19 अगस्त 2026 को इस बात पर जोर दिया था कि उनकी सेना किसी भी ऐसे खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगी जो सीमा के पास अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश करे। इन बयानों से साफ जाहिर होता है कि आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में शांति लौटने के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं और आम नागरिकों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।