लेबनान में इसराइली सेना का बड़ा हमला, अली अल-ताहेर जंगल पर की गई भारी गोलाबारी.

लेबनान के दक्षिणी इलाकों में इसराइली सैन्य बलों की तरफ से लगातार हमले जारी हैं और इसी कड़ी में 13 सितंबर 2026 को नबातीह के पास स्थित अली अल-ताहेर जंगल को निशाना बनाकर भारी गोलाबारी की गई। इस सैन्य कार्रवाई से पहले दक्षिणी लेबनान के कई अन्य इलाकों में भी तीव्र सैन्य गतिविधियां दर्ज की गईं, जिनमें टायर, बिंत जबील और मरजायून जिलों में हवाई हमले शामिल हैं। इसके अलावा लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के मुताबिक जवतार अल-शार्किया क्षेत्र पर भी तोपखाने से हमले किए गए। इन सभी हमलों की वजह से स्थानीय बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है और आम जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हुआ है।
लगातार हमलों से इलाके में भारी तबाही
पिछले कुछ दिनों से चल रहे इन संघर्षों के दौरान कई रिहायशी इलाकों और इमारतों को निशाना बनाया गया है। हाल ही में 13 सितंबर को अल-दबशा पहाड़ी के पास हवाई हमले किए गए और कफ्र तेबनित क्षेत्र में भी कई बमबारी की घटनाएं दर्ज की गईं। इससे पहले 11 और 12 सितंबर 2026 को अल-मंसूरी शहर में लगभग 30 से ज्यादा धमाके सुने गए थे, जहां ड्रोन के जरिए गिराए गए विस्फोटकों और तोपखाने की आग से कई घरों को तबाह कर दिया गया था। इसके साथ ही अल जज़ीरा ने खियाम शहर में एक बहुत बड़े विस्फोट की खबर दी थी, जिसकी तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि आसपास के मकानों के कांच की खिड़कियां तक टूट गईं।
सुरक्षा क्षेत्र बनाने के नाम पर हो रही है भारी तबाही
लेबनान में चल रहे इन हमलों के पीछे इसराइली अधिकारियों का कहना है कि वे दक्षिणी लेबनान में एक सुरक्षा क्षेत्र को मजबूत करना चाहते हैं ताकि हिजबुल्लाह को वहां दोबारा अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका न मिले। हाल ही में 11 सितंबर को इसराइली सेना ने अली अल-ताहेर रिज पर बने एक अंडरग्राउंड नेटवर्क को नष्ट करने के लिए लगभग 1,100 टन विस्फोटकों का इस्तेमाल किया था, जिसकी वजह से एक बड़ा धमाका हुआ और भूवैज्ञानिक सर्वेक्षणों में 4.1 तीव्रता का भूकंपीय झटका दर्ज किया गया। यद्यपि इसराइली सेना ने 11 सितंबर को अली अल-ताहेर से अल-शकीफ की तरफ अपनी सामरिक वापसी की घोषणा की थी, लेकिन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और युद्ध मंत्री इस्राइल कैटज़ समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सेना अभी भी इस रिज पर अपनी फायर कंट्रोल बनाए रखेगी।
इस भारी तबाही और लगातार हो रहे हमलों के बाद मानवाधिकार संगठनों ने इन सैन्य कार्रवाइयों की आनुपातिकता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लेबनान के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2 मार्च 2026 से लेकर अब तक इसराइली हमलों के कारण मरने वाले लोगों की कुल संख्या लगभग 4,400 तक पहुंच चुकी है, जबकि इस दौरान लगभग 12,500 लोग घायल हुए हैं। लगातार हो रही इन हिंसक घटनाओं की वजह से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।