सीरिया के पास इसराइल का बड़ा हमला, बीत जिन इलाके में की गई भारी गोलीबारी और शेल्लिंग.

मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और इस बीच इसराइली सेना की तरफ से सीरिया के सीमावर्ती इलाकों में लगातार सैन्य गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। अल जज़ीरा इंग्लिश की रिपोर्ट के मुताबिक, 26 अगस्त 2026 को इसराइली सेना ने सीरियाई शहर बीत जिन के पास जोरदार गोलाबारी की। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं फिर से गहरी हो गई हैं। सीरिया में लगातार बढ़ रही इस सैन्य हलचल से हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं और दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है।
सीरियाई नागरिक पर ड्रोन हमला और दोनों पक्षों के दावे
बीत जिन के पास पिछले कुछ दिनों में कई सैन्य कार्रवाई हुई हैं। इससे पहले 22 अगस्त 2026 को इसी इलाके में इसराइली सेना ने एक नागरिक वाहन को निशाना बनाकर ड्रोन से हमला किया था। इस हमले में अम्मार सईद हमादा नाम का एक सीरियाई नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसराइली सेना का दावा था कि हमादा एक आतंकवादी था जो किसी बड़े हमले की साजिश रच रहा था। वहीं दूसरी तरफ, सीरियाई सूत्रों ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि वह केवल अपने निजी कारोबार के सिलसिले में वहां मौजूद था। सीरियाई सरकार ने इस ड्रोन हमले को देश की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है।
इसराइली रक्षा मंत्री का दौरा और सीरिया की कड़ी आपत्ति
इस बीच, 26 अगस्त 2026 को इसराइली रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज ने दक्षिणी सीरिया में तैनात इसराइली सैनिकों का दौरा किया। सीरियाई विदेश मंत्रालय ने इस दौरे को देश की क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन और अवैध प्रवेश करार दिया है। इसराइल काट्ज ने अपने दौरे के दौरान साफ कहा कि इसराइल जिहादी खतरों से निपटने के लिए इस क्षेत्र में अपनी सेना की मौजूदगी बनाए रखेगा। उन्होंने अबू धूहुर एयर बेस पर हुए पुराने हमले का जिक्र करते हुए यह भी दावा किया कि इसराइल ने क्षेत्र में तुर्की के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए यह कदम उठाया था।
तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी
क्षेत्र में लगातार सुलग रही आग को शांत करने के लिए अब कूटनीतिक प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं। अमेरिका की मध्यस्थता से हो रही बातचीत के तहत मोसाद प्रमुख रोमन गोफमैन ने 24 अगस्त 2026 को जॉर्डन में सीरियाई विदेश मंत्री असाद अल-शाइबानी से मुलाकात की। इस हाई-लेवल बैठक का मुख्य उद्देश्य इसराइल की तरफ से किए जा रहे लक्षित हमलों को रोकना और साल 1974 के उस सुरक्षा समझौते को दोबारा बहाल करना था जिसके तहत संयुक्त राष्ट्र द्वारा एक बफर जोन की देखरेख की जाती थी। आपको बता दें कि बशर अल-असद के शासन के पतन के बाद से ही इसराइली सेना ने दक्षिणी सीरिया के उस सुरक्षा जोन पर कब्जा कर रखा है जो कभी उस बफर जोन का हिस्सा हुआ करता था।