10 दिन के घेरे के बाद हेब्रोन से हटी इजरायली सेना, गवर्नर ने की पुष्टि
वेस्ट बैंक के हेब्रोन शहर से 10 दिनों के घेरे के बाद इजरायली सेना हट गई है। गवर्नर खालिद दुदिन ने इसकी पुष्टि की है।

यरूशलेम (इजरायल): वेस्ट बैंक के हेब्रोन शहर में 10 दिनों से अधिक समय तक चले सैन्य घेरे के बाद इजरायली सेना वहां से वापस लौट गई है। हेब्रोन के गवर्नर खालिद दुदिन ने इस बात की पुष्टि की है कि सेना ने पूरे शहर से अपनी वापसी कर ली है।
गवर्नर दुदिन ने बताया कि अब इलाके पर फिलिस्तीनी सुरक्षा बलों का पूरा नियंत्रण है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन परिवारों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था, वे अब वापस लौट सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक, 23 अक्टूबर को शहर के पास हुए एक हमले के बाद इजरायली सेना ने हेब्रोन की घेराबंदी की थी। इस हमले में इजरायली रक्षा बलों (IDF) के दो सैनिक मारे गए थे।
स्थानीय नगर पालिका के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई की वजह से 3,300 से अधिक फिलिस्तीनी प्रभावित हुए या विस्थापित हुए। इस दौरान कई घर नष्ट कर दिए गए और कारोबार ठप हो गए।
शहर के मेयर यूसुफ अल-जबरी ने अल जजीरा को बताया था कि इस घेराबंदी के कारण रोजाना 12 मिलियन शेकेल (लगभग 3.8 मिलियन डॉलर) का आर्थिक नुकसान हुआ। बुनियादी ढांचे को करीब 1.9 मिलियन डॉलर का नुकसान पहुंचा, जबकि स्वास्थ्य और पर्यावरण क्षेत्रों में करीब 160,000 डॉलर की हानि का अनुमान लगाया गया।
मेयर अल-जबरी के मुताबिक, इजरायली रक्षा बलों ने 15 घरों और अन्य ढांचों को ध्वस्त कर दिया और 327 व्यवसायों को बंद करने पर मजबूर किया। इस स्थिति के कारण लगभग 80,000 छात्र 10 दिनों तक स्कूल नहीं जा सके। उन्होंने कहा कि हेब्रोन फिलिस्तीनी अर्थव्यवस्था का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा है और यह घेराबंदी एक तरह की सामूहिक सजा थी।
दूसरी तरफ, इजरायल में हुए हालिया चुनावों में विपक्ष को 67 सीटें मिली हैं, जबकि मौजूदा गठबंधन को 53 सीटें मिली हैं। विपक्ष के गुट में जायोनिस्ट गुटों की 48 और अरब गैर-जायोनिस्ट पार्टियों की 19 सीटें हैं, जिससे गठबंधन बनाने में चुनौती आ रही है। नवनिर्वाचित नेसेट (Knesset) का शपथ ग्रहण 10 नवंबर को होना तय है।