West Bank: तुलकेराम गवर्नरट में इसराइली सेना की छापेमारी, सुबह-सुबह छह फलस्तीनी नागरिक किए गए डिटेन.

फलस्तीनी क्षेत्र वेस्ट बैंक में इसराइली सैन्य अभियानों का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। आधिकारिक फलस्तीनी समाचार एजेंसी वफा की रिपोर्ट के मुताबिक, 9 सितंबर 2026 को तड़के सुबह इसराइली सेना ने तुलकेराम गवर्नरट इलाके में एक घर पर छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान कुल छह फलस्तीनी नागरिकों को हिरासत में ले लिया गया है। यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब इस पूरे इलाके में लंबे समय से सैन्य गतिविधियां काफी तेज चल रही हैं और आम लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
तुलकेराम और शरणार्थी शिविरों में लगातार चल रहे हैं ऑपरेशन
इस इलाके के हालात पिछले काफी समय से तनावपूर्ण बने हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 7 सितंबर 2026 तक तुलकेराम और उसके आसपास के शरणार्थी शिविरों में लगातार 589 दिनों से सैन्य अभियान जारी हैं। ताजा गिरफ्तारी से ठीक पहले पिछले कुछ दिनों में कई और बड़ी सुरक्षा कार्रवाई भी देखने को मिली हैं। बीते 8 सितंबर 2026 को मिली जानकारी के अनुसार, इसराइली बलों ने अल-जारोशिया इलाके में फहीम अल-जघाल और उनके बेटों के घर को एक सैन्य चौकी में बदल दिया था। इसके अलावा अल-सवाना नेबरहुड से एक पूर्व कैदी मोहम्मद अब्दुल लतीफ नाफेआ हमदान को भी हिरासत में लिया गया था।
राहत समिति के मुख्यालय पर भी हुई छापेमारी
तनाव का यह दायरा सिर्फ घरों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि सार्वजनिक संस्थानों को भी अपनी चपेट में ले रहा है। बीते 7 सितंबर 2026 को इसराइली सैनिकों ने इरताह उपनगर में स्थित सेंट्रल जकात कमेटी के मुख्यालय पर छापा मारा। इस दौरान गाजा पट्टी से ताल्लुक रखने वाले कई फलस्तीनियों को हिरासत में लिया गया। वहीं, जब इस इलाके से सैन्य बल वापस लौटे, तो मौके से असाद मलीहा का शव बरामद किया गया। इन तमाम घटनाओं से स्थानीय लोगों में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है।
सैन्य अभियानों को बढ़ाने के पीछे इसराइली पक्ष का तर्क
वेस्ट बैंक में चल रही इन तमाम सैन्य कार्रवाइयों के पीछे इसराइल की ओर से हाल ही में दिए गए निर्देश हैं। इसराइली रक्षा मंत्री के आदेश पर 28 जुलाई 2026 को तुलकेराम, नूर शम्स और जेनिन जैसे इलाकों में स्थानीय उग्रवादी समूहों के खिलाफ अभियानों को और ज्यादा विस्तार देने को कहा गया था। इसराइल रक्षा बल यानी IDF का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उग्रवादी बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से खत्म करना है। इसराइली अधिकारियों का साफ कहना है कि क्षेत्र में आतंकवाद के फिर से सिर उठाने की कोशिशों को रोकने के लिए इन सैन्य ऑपरेशनों को जारी रखना बेहद जरूरी है ताकि सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके।