सीरिया में इसराइली सेना का बड़ा हमला, अमेरिका की शांति कोशिशों के बीच बढ़ी तनाव.

Nura Basta13 September 20263 min read23 viewsWorld
सीरिया में इसराइली सेना का बड़ा हमला, अमेरिका की शांति कोशिशों के बीच बढ़ी तनाव.

अमेरिका की मध्यस्थता में चल रही सुरक्षा वार्ताओं के बावजूद रविवार, 13 सितंबर 2026 को इसराइली सेना ने सीरिया के दक्षिणी इलाकों में अपनी सैन्य गतिविधियों को काफी ज्यादा बढ़ा दिया है। इस सैन्य कार्रवाई से सीरिया के ग्रामीण दमकिस, कुनेत्रा और दरिया गवर्नरेट में तनाव का माहौल बन गया है, जिससे स्थानीय आम लोगों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

इसराइली सैन्य वाहनों की घुसपैठ और गोलाबारी

ताजा सैन्य गतिविधियों के तहत इसराइली सेना की चार गाड़ियों की एक टुकड़ी ने उत्तरी कुनेत्रा के अल-अमल फार्म्स इलाके में प्रवेश किया। इस दौरान वहां आग लगाई गई और बाद में यह सैन्य यूनिट वापस लौट गई। वहीं दूसरी तरफ, दमकिस के पश्चिमी ग्रामीण इलाके में इसराइली सैनिकों ने बेइत जिन शहर के बाहरी हिस्से पर सात तोप के गोले दागे। इसके अलावा सैनिकों ने शहर के दक्षिणी प्रवेश द्वार तक आगे बढ़कर वहां एक चेकपॉइंट भी बना लिया और जुरात अल-लौज क्षेत्र में भी प्रवेश किया।

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ये सारी घटनाएं शुक्रवार से जारी लगातार गोलाबारी के बाद सामने आई हैं, जो आइन अल-शारा, बेइत जिन फार्म और बात अल-वर्दा हिल जैसे इलाकों में की जा रही थीं। इसके अलावा रासम अल-हयादिरा, सैदा अल-हानौत और ओफानिया गांव में भी इसराइली सैनिकों की घुसपैठ दर्ज की गई है। ओफानिया में पांच से ज्यादा टैंकों और 20 सैन्य वाहनों के साथ इसराइली बल तेल अल-अहमर इलाके के पास पहुंचे और ताजा सुबह के ऑपरेशन के बाद से वे अभी भी वहीं तैनात हैं।

नेतान्याहू का दौरा और सीरियाई प्रतिक्रिया

इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ के साथ हाल ही में सीरियाई क्षेत्र के भीतर माउंट हर्मन का दौरा किया था। इस दौरे के दौरान उन्होंने कुनेत्रा, दरिया और सुवेदा इलाकों को पूरी तरह से विसैन्यीकृत यानी डीमिलिटाराइज करने की मांग की। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सीरिया के विदेश मंत्री असाद अल-शाइबानी ने इन घुसपैठों और नेतान्याहू के सीरियाई जमीन पर प्रवेश करने को देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सीरिया को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 40 से अधिक देशों का समर्थन मिला है।

इसके साथ ही तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने भी दमकिस की अपनी यात्रा के दौरान इसराइल पर क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगाया है। सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2024 से लेकर अब तक इसराइल की ओर से 1,000 से अधिक बार ऐसी घुसपैठ की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं।

संधि को लेकर अनिश्चितता और चिंता

अमेरिका पिछले एक साल से सीरिया और इसराइल के बीच सुरक्षा समझौतों को पक्का करने की कोशिश कर रहा है। शुरुआती इस साल में सुरक्षा क्षेत्रों और संयुक्त राष्ट्र गश्त को लेकर सैद्धांतिक सहमति बनने की खबरें भी सामने आई थीं, लेकिन दमकिस ने इसराइल की नीयत और समझौतों को लागू करने की मंशा पर साफ तौर पर संदेह जताया है। कतर न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, सीरिया पर संयुक्त राष्ट्र जांच आयोग ने भी सीरियाई संप्रभुता के बार-बार हो रहे इन उल्लंघनों पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

इस ताजा सैन्य तनाव और गोलाबारी के बाद फिलहाल किसी भी तरह के जानमाल या बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सीमावर्ती इलाकों के लोग लगातार बढ़ रही इस सैन्य हलचल से काफी डरे हुए हैं। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी आप Qatar News Agency की रिपोर्ट में देख सकते हैं।

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