इसराइल सेना का सीरिया के दारा प्रांत में बड़ा कदम, 1 सितंबर 2026 को आगे बढ़ने की मिली जानकारी।

इसराइली सैन्य बलों ने सीरिया के दारा प्रांत में आगे बढ़ना शुरू कर दिया है, जिसकी जानकारी 1 सितंबर 2026 को सामने आई है। इस बात की पुष्टि अल जजीरा की रिपोर्ट से हुई है, जिसमें बताया गया कि दक्षिणी सीरिया में पिछले कुछ समय से सैन्य गतिविधियां काफी तेज चल रही थीं। इन इलाकों में लगातार गश्त, तलाशी अभियान और अस्थायी चौकियां बनाने का काम चल रहा था। पश्चिमी दारा के ग्रामीण इलाकों और यारमुक बेसिन जैसे क्षेत्रों में यह सब इस साल जून महीने से ही देखा जा रहा था। सीरियाई सरकार के पतन के बाद से ही इसराइल की मौजूदगी इन सभी क्षेत्रों में लगातार बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और विरोध
इस पूरी सैन्य गतिविधि के बाद दुनिया भर के देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने अपनी गहरी चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र में सीरिया के स्थायी प्रतिनिधि इब्राहिम ओलाबी ने इसराइल पर क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतें साल 1974 के डिसेगमेंट ऑफ फोर्सेस समझौते का खुला उल्लंघन करती हैं। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि इसराइली सेना को तुरंत कब्जा किए गए सभी इलाकों से पूरी तरह से पीछे हट जाना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अरब ग्रुप ने भी इन बयानों का समर्थन किया और सीरिया की संप्रभुता पर हमले की कड़ी निंदा की। इसके अलावा, सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के उप विशेष दूत क्लाउडियो कॉर्डोन ने भी इसराइली बयानों की आलोचना की है, जिसमें सीरियाई जमीन पर लंबे समय तक सेना रखने की बात कही गई थी।
इसराइल का पक्ष और कूटनीतिक प्रयास
सभी देशों के विरोध के बावजूद इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इसराइल कैट्ज का यही कहना है कि उनकी सेना सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए दक्षिणी सीरिया में ही रहेगी। इसराइल ने कुछ चुनिंदा इलाकों से धीरे-धीरे पीछे हटने का प्रस्ताव जरूर रखा है, लेकिन रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माउंट हर्मोन को इस समझौते से पूरी तरह बाहर रखा गया है। इस पूरे मामले को शांत करने के लिए अमेरिका की उप प्रतिनिधि टैमी ब्रूस ने दोनों पक्षों से अपील की है कि वे तनाव को कम करें और बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण रास्ता निकालें। इस पूरी रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी आप ReliefWeb Report पर जाकर पढ़ सकते हैं।