दक्षिणी लेबनान में इसराइली सेना की बमबारी जारी, मंसूरी और मजदालत ज़ौन में मचा हड़कंप.

लेबनान के दक्षिणी हिस्से में इसराइली सेना की तरफ से लगातार गोलाबारी की जा रही है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें काफी ज्यादा बढ़ गई हैं। देश की नेशनल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इसराइली सेना ने टायर जिले की Mansouri और Majdal Zoun की नगरपालिकाओं को निशाना बनाया है। इस ताजा सैन्य कार्रवाई ने इलाके में एक बार फिर से तनाव का माहौल पैदा कर दिया है और लोग डरे हुए हैं।
समझौते के बाद भी नहीं थम रही हिंसा
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लेबनान और इसराइल के बीच 26 जून 2026 को अमेरिका की मध्यस्थता में एक फ्रेमवर्क समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत इसराइली सेना को धीरे-धीरे पीछे हटना था, लेबनान की सेना को तैनात होना था और हिजबुल्लाह को हथियार डालने थे। हालांकि, इस अहम समझौते के बाद भी जमीनी स्तर पर हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं और लगातार झड़पें व हमले जारी हैं।
सितंबर महीने में तेजी से बढ़े हमले
सितंबर के आखिरी हफ्ते में इस इलाके के अंदर सैन्य गतिविधियां बहुत ज्यादा बढ़ गईं। पिछले 18 सितंबर को हुई भारी तोपखाने की गोलाबारी से मंसूरी और मजदालत ज़ौन का इलाका दहल उठा, जिसके धमाकों की आवाजें दूर टायर शहर तक साफ सुनी गईं। इसके बाद स्थिति तब और ज्यादा गंभीर हो गई जब 20 सितंबर को इसराइली बलों ने मजदूरी और अल-मंसूरी में कई बड़े धमाके किए। इन हमलों के दौरान फॉस्फोरस गोला-बारूद का इस्तेमाल किया गया, जिसकी वजह से ब्योत अल-सय्याद के पास मौजूद जैतून और संतरे के बागों में भयानक आग लग गई।
अगले ही दिन यानी 21 सितंबर को इसराइली युद्धक विमानों ने जिबकिन घाटी को भी अपने हमलों की चपेट में ले लिया। वहीं दूसरी तरफ, जमीनी मोर्चे पर तैनात सैनिकों ने मंसूरी में कई घरों को पूरी तरह तबाह कर दिया और पश्चिमी तथा केंद्रीय सेक्टर के कई गांवों के ऊपर रोशनी करने वाले फ्लेयर्स दागे गए। इन लगातार हो रही सैन्य कार्रवाइयों के कारण स्थानीय नागरिकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
लेबनानी नेताओं ने की कड़ी निंदा
इस पूरे मामले पर लेबनान के शीर्ष नेतृत्व ने बेहद सख्त रुख अपनाया है और इन हमलों की कड़ी निंदा की है। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने बीते 25 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र को संबोधित किया था और इसराइल से अपनी सेना को पूरी तरह से वापस बुलाने की मांग की थी। इसके अलावा, देश के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने भी साफ तौर पर चेतावनी दी है कि जब तक इस तरह के सैन्य उल्लंघन बंद नहीं होते, तब तक जून महीने के समझौते में सोची गई शांति और स्थिरता को हासिल करना बिल्कुल नामुमकिन है। इस पूरी खबर की अधिक जानकारी आप QNA News की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।