इजरायली मंत्री बेन-गवीर ने डेमोन जेल के वीडियो शेयर कर कैदियों की हालत पर कही बड़ी बात

इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री Itamar Ben-Gvir ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होंने दमन जेल के अंदर बंद फिलिस्तीनी महिलाओं की स्थिति को दिखाया है। मंत्री ने खुद यह बात मानी है कि जेल के अंदर हालात को सख्त बनाने के पीछे उन्हीं का हाथ है और वह इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और फिलिस्तीनी संगठनों के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। आम लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर काफी चर्चा हो रही है कि कैसे जेल के नियमों को पूरी तरह बदल दिया गया है।
कैदियों की सुविधाओं में कटौती और सख्त नियम
मंत्री Itamar Ben-Gvir ने साफ शब्दों में कहा कि अब कैदियों को पहले की तरह अच्छी सुविधाएं नहीं मिलेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि अब केवल न्यूनतम यानी बहुत ही जरूरी चीजें ही कैदियों को दी जाएंगी। उनका यह भी तर्क था कि गाजा में इजरायली बंधकों की स्थिति को देखते हुए कैदियों को किसी भी तरह की विलासिता या अच्छी सुविधाएं नहीं मिलनी चाहिए। उनके कार्यालय ने वीडियो में दिखने वाली महिलाओं की पहचान female Islamic Jihad terrorists के रूप में की है। इस वीडियो में एक महिला कैदी, जिसकी पहचान उनके पति ने Yasmine Shaaban के रूप में की है, जेल के अंदर बुनियादी जरूरतों की कमी की बात कहती हुई नजर आई। उन्होंने बताया कि उन्हें पीने का साफ पानी नहीं मिल रहा है, मेडिकल सुविधा बहुत खराब है, और पिछले तीन दिनों से उन्हें नहाने तक की अनुमति नहीं दी गई है।
फिलिस्तीनी संगठनों और अधिकारियों का कड़ा विरोध
इस वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद फिलिस्तीनी संगठनों ने इसकी कड़ी निंदा की है। Palestinian Prisoners' Club और Palestinian Prisoner’s Society ने इस वीडियो को बनाने और शेयर करने को इंसानी गरिमा पर सीधा हमला बताया है। इसके अलावा, गाजा के Commission of Detainees and Ex-Detainees Affairs ने मंत्री के इस दौरे को एक राजनीतिक ड्रामा और जनता को भड़काने वाला कृत्य करार दिया। उनका कहना था कि यह सब कैदियों को प्रताड़ित करने और उन्हें भूखा रखने की एक सोची-समझी नीति का हिस्सा है। फिलिस्तीनी प्राधिकरण के एक आयोग ने भी मंत्री पर क्रूरता और नस्लवाद का आरोप लगाया, जबकि हमास से जुड़े गाजा प्रिजनर्स मिनिस्ट्री ने इसे सत्ता की क्रूरता का नया स्तर बताया।
आपको बता दें कि जब से Itamar Ben-Gvir ने साल 2022 के आखिर में अपना पद संभाला है, तब से जेलों के नियमों को बहुत ज्यादा सख्त कर दिया गया है। उनके कार्यकाल में परिवार के मिलने पर रोक लगाई गई, नहाने का समय घटाया गया और खाने-पीने के राशन में भी भारी कटौती की गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले ढाई साल में इन सख्त जेल नीतियों के कारण रिकॉर्ड 110 फिलिस्तीनी कैदियों की मौत हो चुकी है। इस पूरी घटना ने एक बार फिर से जेलों में बंद कैदियों के मानवाधिकारों और प्रशासनिक सख्ती को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है, जहां एक तरफ सुरक्षा का हवाला दिया जा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ अमानवीय व्यवहार के आरोप लग रहे हैं।