इजरायली मंत्री बेन गवीर ने महिलाओं की जेल पर किया छापा, वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर किया शेयर.

रविवार, 30 अगस्त 2026 को इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री Itamar Ben Gvir ने डेमोन जेल के उस हिस्से का दौरा किया जहाँ फिलिस्तीनी महिला कैदियों को रखा गया है। इस दौरान मंत्री ने न सिर्फ जेल के अंदर का दौरा किया बल्कि इसका वीडियो भी बनाया और बाद में इसे अपने पर्सनल एक्स अकाउंट पर अपलोड कर दिया। इस घटना के बाद से कैदियों के अधिकारों और जेल की स्थिति को लेकर एक बार फिर से गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और चारों तरफ इसकी कड़ी निंदा की जा रही है।
कैदी ने की बदतर हालातों की शिकायत
दौरे के वक्त Yasmine Shaaban नाम की एक महिला कैदी ने मंत्री Itamar Ben Gvir के सामने जेल के अंदर के खराब हालातों का खुलकर विरोध किया। कैदी ने बताया कि जेल में बार-बार छापे मारे जाते हैं, प्राइवेसी नाम की कोई चीज नहीं है, इस्तेमाल करने लायक पानी नहीं मिलता और मेडिकल सुविधा भी बहुत खराब है। इसके अलावा पर्सनल सामान की कमी है और कैदियों को तीन दिनों तक नहाने के लिए पानी तक नहीं दिया जाता है। इन सभी शिकायतों पर मंत्री ने कोई नरमी नहीं दिखाई और साफ कह दिया कि वह खुद इन सख्त नियमों के लिए जिम्मेदार हैं और उनका मकसद कैदियों के साथ होने वाले बर्ताव को बिल्कुल कम से कम स्तर पर लाना है। मंत्री ने यहाँ तक कह दिया कि हमारे बंधकों के पास शैम्पू और ऐसी कोई सुविधा नहीं थी और जेल के दिन अब खत्म हो चुके हैं।
विभिन्न संगठनों ने की कड़ी निंदा
हमास के गाजा प्रिजनर्स मिनिस्ट्री ने इस छापे और वीडियो को सोशल मीडिया पर डालने को बेहद शर्मनाक और अनैतिक करार दिया है। संगठन का कहना है कि इस तरह की हरकतें वहां की सरकार के असली चेहरे को बेनकाब करती हैं। इसके अलावा फिलिस्तीनी प्रिजनर्स क्लब यानी PPS ने भी इस घटना की भारी निंदा की है और इसे मानवाधिकारों पर सीधा हमला बताया है। फिलिस्तीनी अथॉरिटी के कमीशन ऑन प्रिजनर्स अफेयर्स ने भी मंत्री के इस व्यवहार को क्रूरता, नफरत और नस्लवाद से भरा हुआ बताया है।
इजरायली जेलों में कैदियों की स्थिति
आपको बता दें कि मंत्री Itamar Ben Gvir जब से साल 2022 के आखिर में अपने पद पर आए हैं, तब से वह लगातार फिलिस्तीनी कैदियों के नियमों को और ज्यादा सख्त बनाने में लगे हुए हैं। उनका कहना है कि इस जेल में बंद महिलाएं इस्लामिक जिहाद संगठन से जुड़ी हुई हैं। यह पूरी घटना ऐसे समय में सामने आई है जब इजराइल की अलग-अलग जेलों में लगभग 9,400 से 9,500 फिलिस्तीनी बंद हैं। इस बड़ी संख्या में करीब 88 से 94 महिलाएं और 350 से ज्यादा बच्चे भी शामिल हैं। इससे पहले 19 अगस्त 2026 को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने भी मंत्री Itamar Ben Gvir के बयानों की तीखी आलोचना की थी और उन पर अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों की अनदेखी करने तथा हिंसा भड़काने का गंभीर आरोप लगाया था।