इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का बड़ा बयान, कहा ईरान की सरकार अब गिरने वाली है करीब.

इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने सीरियाई सीमा पर स्थित माउंट हर्मोन के पास तैनात इजरायली सैनिकों के दौरे के दौरान एक बड़ा और तीखा बयान दिया है। उन्होंने 9 सितंबर 2026 को यह घोषणा की कि ईरान की इस्लामिक रिपब्लिक सरकार अब पतन के बहुत करीब पहुंच चुकी है। इस दौरे पर उनके साथ रक्षा मंत्री Israel Katz भी मौजूद थे। नेतन्याहू ने स्पष्ट रूप से कहा कि इजरायल का मुख्य लक्ष्य तेहरान के इस आतंकवादी शासन को पूरी तरह से हराना है और उन्हें पूरा भरोसा है कि पूरा क्षेत्रीय एक्सिस आने वाले समय में ध्वस्त हो जाएगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि इजरायल अपनी सीमाओं पर किसी भी आतंकवादी सेना को पैर जमाने की अनुमति नहीं देगा।
ईरान के पतन को लेकर लगातार सामने आ रहे हैं दावे
प्रधानमंत्री नेतन्याहू की तरफ से पिछले कुछ दिनों में ईरान की सरकार के जल्द पतन को लेकर कई बार भविष्यवाणियां की जा चुकी हैं। इससे पहले 6 सितंबर 2026 को उन्होंने रोश हशनाह के मौके पर एक वीडियो संदेश जारी किया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि ईरानी शासन के लिए अंत नजदीक आ रहा है और वे इसे उखाड़ फेंकने के अपने मिशन को पूरा करेंगे। इसके अलावा 4 सितंबर 2026 को उन्होंने सैन्य नेताओं के सामने इस शासन की कमजोरी का जिक्र किया था। अमेरिका के पूर्व ऊर्जा सचिव Dan Brouillette ने भी आर्थिक दबाव को इस संभावित पतन का एक बड़ा कारण बताया था।
अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर बढ़ता दबाव
ईरान के ऊपर अंतरराष्ट्रीय और आंतरिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। 8 सितंबर 2026 को एमनेस्टी इंटरनेशनल ने एक ब्रीफिंग जारी की, जिसमें मार्च 2026 में तेहरान पर हुए अमेरिका-इजरायली हमलों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई। इस हमले में नागरिकों के हताहत होने और युद्ध अपराधों की रिपोर्ट्स सामने आई थीं। वहीं देश के अंदरूनी हालात की बात करें तो ईरानी अधिकारियों ने कट्टरपंथी मौलवी Mohammad-Bagher Kharrazi को हिरासत में ले लिया है, जिन्होंने सार्वजनिक रूप से मौजूदा इस्लामिक रिपब्लिक को बदलकर एक अलग इस्लामिक सरकार लाने की वकालत की थी।
आर्थिक स्थिति और संघर्ष का असर
ईरान की अर्थव्यवस्था को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच तीखी बयानबाजी जारी है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने 1 सितंबर 2026 को भविष्यवाणी की थी कि ईरान की अर्थव्यवस्था कुछ ही हफ्तों या महीनों में ढह जाएगी। इसके विपरीत ईरान के सेंट्रल बैंक के गवर्नर Abdol-Nasser Hemmati ने दावा किया कि देश ने 18 अरब डॉलर जमा कर लिए हैं और बाजार को स्थिर करने के लिए 2 अरब डॉलर का निवेश किया जा रहा है। फरवरी 2026 से शुरू हुए इस सैन्य संघर्ष के कारण ईरान के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है और होर्मुज जलडमरूमध्य में भी उथल-पुथल मची है। हालांकि अल जजीरा की 9 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और इजरायल अभी तक इस संघर्ष में अपने तय किए गए लक्ष्यों को पूरी तरह हासिल नहीं कर पाए हैं।