इसराइल में अमेरिकी राजदूत की बैठक के दौरान वेस्ट बैंक में घुसे सेटलर्स, सुरक्षा को लेकर उठी चिंता.

शनिवार, 5 सितंबर 2026 को वेस्ट बैंक के तुर्मुस आया शहर में एक बड़ी घटना सामने आई, जहां इसराइली सेटलर्स जबरन घुस आए। यह घटना उस जगह से कुछ ही मीटर की दूरी पर हुई जहां अमेरिका के इसराइल में राजदूत माइक हकाबी फलस्तीनी नागरिकों के साथ एक अहम बैठक कर रहे थे। फलस्तीनी समाचार एजेंसी वफा की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कूटनीतिक दौरा सेटलर्स की हिंसा को रोकने और वहां के हालात पर चर्चा करने के लिए रखा गया था।
बैठक के दौरान स्थानीय लोगों ने रखी अपनी बात
तुर्मुस आया शहर में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने स्थानीय फलस्तीनी परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान उन परिवारों के लोग भी शामिल थे जिनके अमेरिकी नागरिक रिश्तेदारों की इसराइली सेटलर्स के हमलों में जान जा चुकी है। इस शहर की कुल आबादी करीब 3,000 है, जिसमें से लगभग 80 प्रतिशत लोग फलस्तीनी-अमेरिकी नागरिकता रखते हैं। यही वजह है कि अमेरिका इस इलाके की सुरक्षा को लेकर काफी गंभीर है। बैठक में शामिल स्थानीय निवासी रुआन अलकाम ने राजदूत को अपनी परेशानियों के बारे में बताया और कहा कि उनके परिवार की गाड़ी पर भी सेटलर्स ने पथराव किया था। इसके अलावा शहर के मेयर नव्वाफ जाघौल ने भी राजदूत से मांग की कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
अमेरिकी राजदूत का कड़ा बयान
इस पूरे मामले पर बात करते हुए अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने साफ किया कि वेस्ट बैंक में फलस्तीनी नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी इसराइली सरकार की है। उन्होंने सेटलर्स की हिंसा को साफ तौर पर अपराध और आतंक करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि इन हरकतों को अंजाम देने वालों के खिलाफ गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए। हालांकि हकाबी को पहले इसराइली बस्तियों का समर्थक माना जाता है, लेकिन इस बार उन्होंने कहा कि हिंसा फैलाने वाले लोग बहुत कम संख्या में हैं और अपराध हमेशा अपराध ही होता है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इसराइल का फिलहाल गाजा से लोगों को जबरन हटाने का कोई प्लान नहीं है।
बढ़ता तनाव और अंतरराष्ट्रीय नियम
इस घटना से इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र और दुनिया के ज्यादातर देश वेस्ट बैंक में बनी इसराइली बस्तियों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध मानते हैं, हालांकि इसराइली सरकार इस बात से सहमत नहीं है और इस इलाके को विवादित मानती है। रिपोर्ट बताती हैं कि जब से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार साल 2022 के आखिर में सत्ता में आई है, तब से वेस्ट बैंक में सेटलर्स की हिंसा में लगातार तेजी देखने को मिली है।