Al-Aqsa Mosque पर इजरायली Settlers ने बोला धावा, भारी पुलिस सुरक्षा में की घुसपैठ और रस्में.

Praggya Singh sabal13 September 20262 min read42 viewsWorld
Al-Aqsa Mosque पर इजरायली Settlers ने बोला धावा, भारी पुलिस सुरक्षा में की घुसपैठ और रस्में.

रविवार, 13 सितंबर 2026 को लगभग 240 इजरायली settlers ने भारी सुरक्षा के बीच occupied Jerusalem में स्थित Al-Aqsa Mosque compound के Moroccan Gate से अंदर प्रवेश किया। इस पूरी घटना के दौरान इजरायली occupation police ने कड़ी सुरक्षा मुहैया कराई और इन लोगों ने परिसर के अंदर भड़काऊ दौरे के साथ-साथ Talmudic रस्में भी पूरी कीं। यह घटना 12 सितंबर 2026 को हुई उस बड़ी गतिविधि के तुरंत बाद सामने आई, जब यहूदी नव वर्ष मनाने के लिए हजारों की संख्या में settlers Old City में दाखिल हुए थे, और इसी दौरान इजरायली सेना ने पूरे इलाके की सुरक्षा के नाम पर West Bank में छापेमारी और गिरफ्तारियों का सिलसिला तेज कर दिया था।

विभिन्न आधिकारिक निकायों द्वारा कड़ी निंदा

Jerusalem Governorate, Palestinian Presidency और President Rawhi Fattouh के नेतृत्व वाली Palestinian National Council ने इन सभी घुसपैठों को एक बेहद खतरनाक escalation करार दिया। अधिकारियों ने कड़ी चेतावनी देते हुए बताया कि छुट्टियों के बहाने Temple organizations के उकसावे पर किए जा रहे ये कदम ऐतिहासिक और कानूनी status quo को बदलने की एक सोची-समझी कोशिश हैं ताकि बलपूर्वक एक नया धार्मिक माहौल थोपा जा सके। कतर समाचार एजेंसी (QNA) के हवाले से मिली रिपोर्ट्स के मुताबिक, Jordan और Egypt ने भी आधिकारिक तौर पर इस परिसर में घुसपैठ की कड़ी निंदा की और इसे historical and legal status quo का खुला उल्लंघन तथा एक अस्वीकार्य उकसावा बताया।

धार्मिक स्थल की ऐतिहासिक स्थिति और पाबंदियां

तय नियमों के अनुसार, Al-Aqsa Mosque पूरी तरह से एक इस्लामिक इबादत की जगह है जिसे Jordan's Ministry of Awqaf के अधिकार क्षेत्र के तहत मैनेज किया जाता है, जहाँ सामूहिक रूप से यहूदी प्रार्थनाओं और Talmudic रस्मी तौर-तरीकों पर पूरी तरह रोक है। इन नियमों के बावजूद इजरायली सरकार फिलिस्तीनी नमाजियों पर लगातार सख्त पाबंदियां लगाती आ रही है, जिसमें फज्र की नमाज के लिए आने वाले लोगों के रास्ते सीमित करना और सुरक्षा बलों द्वारा मारपीट की खबरें शामिल हैं। फिलिस्तीनी नेतृत्व ने इन सभी उकसावे वाले मामलों के लिए सीधे तौर पर far-right इजरायली सरकार को जिम्मेदार ठहराया है, और यह चेतावनी दी है कि ऐसी हरकतें एक बड़े धार्मिक संघर्ष को जन्म दे सकती हैं और Jerusalem के दर्जे को खतरे में डाल सकती हैं। इस पूरी घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए आप QNA News Report पर जा सकते हैं।

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