दक्षिणी लेबनान में इसराइली गोलाबारी तेज, दोहा केफर रुम्मान इलाके में भारी तबाही से हालात तनावपूर्ण

दक्षिणी लेबनान के नबातीह जिले में स्थित दोज़ा केफर रुम्मान इलाके में इसराइली सेना की तरफ से लगातार गोलाबारी जारी है। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी और अल जजीरा की रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह गोलाबारी 6 सितंबर 2026 को भी रुक-रुक कर होती रही। इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां 4 सितंबर 2026 से काफी ज्यादा बढ़ गई हैं, जिसके बाद से आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। हिंसा की इन घटनाओं की वजह से इलाके में बड़ी मात्रा में संपत्ति का नुकसान हुआ है और कई बेकसूर लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। लेबनान के सरकारी और स्थानीय प्रसारकों के अनुसार, इस गोलाबारी का असर आम नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं पर भी साफ देखने को मिल रहा है।
औद्योगिक इलाकों और अस्पतालों को भी पहुंचा नुकसान
लेबनीज प्रसारक एलबीसीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, केफर रूम्मान इलाके में भारी तबाही हुई है। इस गोलाबारी की चपेट में कई औद्योगिक इकाइयां और नबातीह अल-फवका में स्थित घंदौर अस्पताल भी आया है। लेबनान के अधिकारियों ने पुष्टि की कि 5 सितंबर को केफर रुम्मान में दो लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा 4 सितंबर को पूरे लेबनान में कुल पांच लोगों की मौत और 24 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। रविवार को हुई अन्य घटनाओं में भी दक्षिणी लेबनान में तीन से चार लोगों के हताहत होने की खबर सामने आई है, जिससे स्थानीय लोगों में काफी डर का माहौल बना हुआ है।
इसराइल और लेबनान सरकार का पक्ष
इसराइली सेना का कहना है कि उनकी ये सैन्य कार्रवाई हिजबुल्लाह की गतिविधियों का जवाब देने के लिए की जा रही है। इसराइली अधिकारियों का दावा है कि इसराइल डिफेंस फोर्सेज यानी IDF ने अली अल-ताहेर हाइट्स में 'ऑपरेशनल कंट्रोल' स्थापित कर लिया है और वहां बने भूमिगत रास्तों को साफ कर दिया है। इस दौरान कई हिजबुल्लाह सदस्यों के मारे जाने का भी दावा किया गया है। इसराइली सेना ने यह भी संकेत दिया है कि उनके द्वारा घोषित इस सुरक्षा क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। दूसरी तरफ, लेबनान सरकार ने नबातीह जिले में हुए इन हमलों को एक खतरनाक escalation यानी बड़ा तनाव करार दिया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जताई जा रही है चिंता
लेबनान की जमीनी स्थिति इस समय बेहद नाजुक और अस्थिर बनी हुई है। क्षेत्र में लगातार हवाई हमले, तोप से गोलाबारी और जमीनी घुसपैठ की कार्रवाई हो रही है। संयुक्त राष्ट्र की लेबनान में मौजूद शांति सेना यानी UNIFIL ने अपनी पिछली बैठकों और मूल्यांकनों में इस क्षेत्रीय तनाव को लेकर गहरी चिंता जताई थी। उनका मानना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संकल्प 1701 का उल्लंघन होता है, जिससे पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र की शांति खतरे में पड़ जाती है। आम लोग इस भारी संघर्ष के बीच अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं और हालात दिन-प्रतिदिन बदतर होते जा रहे हैं।