Gaza Water Crisis: इसराइल के हवाई हमले में शेख़ रादवान का डिसेलिनेशन प्लांट तबाह, पानी के लिए तरसे लोग.

गाजा पट्टी में पानी का संकट दिन-ब-दिन बहुत ज्यादा गंभीर होता जा रहा है। उत्तरी गाजा सिटी के शेख़ रादवान इलाके में अल-सलाम कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के पास बना एक डिसेलिनेशन प्लांट इसराइल के एक हवाई हमले में पूरी तरह तबाह हो गया। यह घटना 24 अगस्त 2026 को हुई। इस हमले में इस प्लांट को भारी नुकसान पहुंचा और वहां 10 मीटर गहरा गड्ढा बन गया। इस हमले की वजह से वहां के स्थानीय लोगों और विस्थापित परिवारों को पीने का पानी मिलने का जो जरिया था, वह पूरी तरह खत्म हो गया। इस हमले में एक पास की मस्जिद भी नष्ट हो गई और कई आम नागरिक घायल हो गए।
युद्ध विराम के उल्लंघन का आरोप और स्थानीय लोगों का दर्द
हमास के प्रवक्ता हजेम कासिम ने इस हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे युद्ध विराम समझौते का उल्लंघन बताया और कहा कि यह हमला आम लोगों की जिंदगी बचाने वाले जरूरी संसाधनों को खत्म करने की एक बड़ी कोशिश है। वहीं, स्थानीय चश्मदीद अली अबू अल-ओमेरी ने जानकारी दी कि दान में मिले फंड से बना यह प्लांट सिर्फ और सिर्फ आम नागरिकों के इस्तेमाल के लिए था और वहां किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि नहीं हो रही थी। इस हमले के बाद गाजा के लोगों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई हैं।
पानी के उत्पादन में भारी गिरावट
फिलिस्तीनी वाटर अथॉरिटी की रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा में कुल पानी का उत्पादन 60% से ज्यादा कम हो गया है। पहले जहां रोजाना 300,000 क्यूबिक मीटर पानी का उत्पादन होता था, वह अब घटकर 120,000 क्यूबिक मीटर से भी कम रह गया है। इसके अलावा, गाजा सिटी नगरपालिका ने 31 अगस्त 2026 को बताया कि सीवेज के बड़े पैमाने पर लीक होने की वजह से शहर का 85% हिस्सा पानी की भारी कमी से जूझ रहा है। पीने का साफ पानी न मिलने की वजह से आम जनता को बहुत ज्यादा दूर-दूर तक सफर करना पड़ रहा है.
बीमारियों के फैलने का बड़ा खतरा
विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने सर्दियों के मौसम के पास आते ही गंभीर बीमारियों के फैलने की चेतावनी जारी की है। 1 सितंबर 2026 को डब्ल्यूएचओ की प्रतिनिधि रेनहिल्ड वान डी वीरड्ट ने बताया कि पानी के नमूनों में खतरनाक बैक्टीरिया का संक्रमण जनवरी में 6% था, जो अगस्त 2026 तक बढ़कर लगभग 20% हो गया है। डायरिया के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। मार्च महीने में पेट की बीमारी और दस्त के 30,000 मामले सामने आए थे, जो अगस्त तक बढ़कर 58,000 से ज्यादा हो गए हैं। यूनिसेफ और डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स का अनुमान है कि संघर्ष के दौरान गाजा का 90% पानी और स्वच्छता ढांचा या तो क्षतिग्रस्त हो चुका है या पूरी तरह नष्ट हो गया है, जिसके कारण 90% आबादी को साफ पानी नहीं मिल पा रहा है।