Lebanon Attack: इसराइल के हमलों से दहला लेबनान, तीन लोगों की मौत और 23 घायल, जानें पूरी खबर.

शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को लेबनान के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में इसराइली सैन्य हमलों की वजह से हालात काफी तनावपूर्ण हो गए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इन ताबड़तोड़ हमलों में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है और 23 लोग घायल हुए हैं। इस हमले में टायर और नबातियेह क्षेत्रों के साथ-साथ बेका क्षेत्र के पांच अलग-अलग इलाकों को निशाना बनाया गया, जिससे आम जनता में भारी डर का माहौल बन गया है।
कैसे हुआ हमला और क्या कहती है शुरुआती रिपोर्ट
लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी NNA की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, नबातियेह शहर में इंजीनियरों की सिंडिकेट बिल्डिंग के पास एक इसराइली ड्रोन ने हमला किया। इस ड्रोन हमले में मोटरसाइकिल पर सवार दो पुरुषों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा टायर इलाके के रमदियेह गांव में एक और सैन्य कार्रवाई हुई, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई और 15 लोग बुरी तरह घायल हो गए। इस खास घटना में घायल होने वालों में छह पैरामेडिक्स यानी चिकित्साकर्मी, तीन महिलाएं और दो छोटी बच्चियां भी शामिल थीं, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
इसराइल डिफेंस फोर्सेज का पक्ष और संघर्ष विराम का उल्लंघन
दूसरी ओर, इसराइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने बयान जारी कर बताया कि यह पूरी सैन्य कार्रवाई तब शुरू हुई जब लेबनान की तरफ से एक विस्फोटक ड्रोन दागा गया था। इस ड्रोन को इसराइली सैनिकों को निशाना बनाने के लिए भेजा गया था जो दक्षिणी लेबनान के एक सुरक्षा क्षेत्र में तैनात थे। IDF का कहना है कि हिजबुल्लाह द्वारा किया गया यह ड्रोन लॉन्च पहले से तय संघर्ष विराम समझौते का सीधा उल्लंघन है। हालांकि गनीमत यह रही कि इस आपसी आदान-प्रदान में किसी भी इसराइली सैनिक के घायल होने की कोई खबर सामने नहीं आई है।
सीमावर्ती इलाकों में तनाव और राजनीतिक गतिविधियां
यह ताजा तनाव उस घोषणा के ठीक एक दिन बाद सामने आया है जब इसराइली रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज ने गुरुवार को ऐलान किया था कि IDF ने अली अल-ताहर रणनीतिक रिज को अपने कब्जे में ले लिया है। सेना ने इस इलाके में हिजबुल्लाह की सुरंगों को पूरी तरह साफ कर दिया है। काट्ज ने दावा किया था कि यह मिशन पूरी तरह सफल रहा और इसमें कई आतंकवादी मारे गए। उनका कहना था कि सेना का मुख्य मकसद इस समूह को दोबारा वहां पैर जमाने से रोकना है। इसी बीच, लेबनान में संयुक्त राष्ट्र के मानवीय समन्वयक इमरान रिजा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चिंता जाहिर की। उन्होंने नबातियेह लौटने वाले परिवारों की स्थिति पर बात करते हुए वहां फैली भारी तबाही और बुनियादी सेवाओं की भारी कमी का जिक्र किया।
कैदियों की रिहाई और अमेरिका की मध्यस्थता
लगातार जारी इस हिंसा और तनाव के बीच शुक्रवार को इसराइली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया। गृहयुद्ध के समय के लापता लेबनान के यहूदी नागरिकों की खोज से जुड़े अमेरिकी मध्यस्थता समझौते के तहत इसराइल ने चार लेबनानी कैदियों को रिहा कर दिया। यह सारी घटनाएं जून महीने में बने उस कमजोर फ्रेमवर्क समझौते के दौरान हो रही हैं जिसका मकसद सीमावर्ती इलाके में शांति और स्थिरता बनाए रखना था, लेकिन मौजूदा हालात को देखकर ऐसा लगता है कि शांति की राह अभी बहुत लंबी और कठिन है।