गाज़ा में इसराइली हमलों में आठ लोगों की मौत, कमज़ोर सीज़फायर के बीच लगातार जारी है हिंसा.

Praggya Singh sabal7 September 20263 min read41 viewsWorld
गाज़ा में इसराइली हमलों में आठ लोगों की मौत, कमज़ोर सीज़फायर के बीच लगातार जारी है हिंसा.

गाज़ा पट्टी में 7 सितंबर 2026 को इसराइली बलों ने नए हमले किए, जिसमें बच्चों समेत कम से कम आठ फलस्तीनी नागरिकों की जान चली गई। अल जज़ीरा के पत्रकार तारेक अबू अज्जूम ने इन मौतों की पुष्टि की है, क्योंकि यह हमले ऐसे समय में हो रहे हैं जब अमेरिका की मध्यस्थता से हुआ सीज़फायर बेहद कमज़ोर स्थिति में है। इस सैन्य कार्रवाई से पहले 6 सितंबर को एक घटना घटी थी, जिसमें एक विस्फोटक उपकरण ने आईडीएफ के सैन्य वाहन को निशाना बनाया था। इसराइली रक्षा बलों यानी IDF ने इस विस्फोट को सीज़फायर का खुला उल्लंघन करार दिया और इसी को आधार बनाकर बाद के हवाई हमलों को सही ठहराया। पिछले 24 घंटों के भीतर खान यूनिस के पश्चिम में एक मोटरसाइकिल को निशाना बनाकर किए गए इसराइली हवाई हमले में एक फलस्तीनी मारा गया और कई अन्य घायल हो गए। इसके अलावा, गाज़ा सिटी के तट पर इसराइली नौसेना ने एक मछली पकड़ने वाली नाव पर गोलीबारी की, जिससे दो मछुआरों को चोटें आईं।

गाज़ा में लगातार बढ़ रहा है संघर्ष और मौतों का आंकड़ा

समाचार एजेंसी WAFA की रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटनाएं गाज़ा पट्टी में सीज़फायर के उल्लंघन का 272वां लगातार दिन दर्शाती हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने मछुआरों के घायल होने की घटना को एक ऐसे समझौते का ताजा उल्लंघन बताया है जो रोजमर्रा की हिंसा को रोकने में पूरी तरह असफल रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने इस बात पर भी गहरी चिंता जताई है कि इस्राइली नियंत्रण वाले इलाकों में जब मलबे को हटाया जा रहा है, तो वहां नरसंहार से जुड़े अपराधों के सबूतों को नष्ट होने का बड़ा खतरा बना हुआ है। साल 2023 में जब से यह संघर्ष शुरू हुआ है, तब से लेकर अब तक गाज़ा में मरने वालों का कुल आंकड़ा कम से कम 73,658 तक पहुंच चुका है।

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अमेरिका की मध्यस्थता से 10 अक्टूबर 2025 को घोषित किए गए इस सीज़फायर की शुरुआत से ही लगातार आलोचना होती रही है क्योंकि इसमें किसी भी स्वतंत्र निगरानी निकाय या सख्त प्रवर्तन तंत्र का अभाव है। गाज़ा सरकार के मीडिया ऑफिस और UNRWA से मिले आंकड़ों से पता चलता है कि जब से यह समझौता लागू हुआ है, तब से अब तक 1,000 से अधिक फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। इस दौरान इसराइली बलों द्वारा 1,100 से ज्यादा बार बमबारी और लगभग 1,000 बार गोलीबारी की घटनाएं आधिकारिक तौर पर दर्ज की जा चुकी हैं।

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में जर्मनी का बचाव और इस्राइल का रुख

इन तमाम गंभीर घटनाओं के बीच, जर्मनी इस समय अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय यानी ICJ में उन आरोपों का बचाव कर रहा है जिनमें कहा गया है कि इस्राइल को दी जाने वाली उसकी सैन्य मदद से नरसंहार के कृत्यों को बढ़ावा मिलता है। दूसरी ओर, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ तौर पर यह कसम खाई है कि इसराइली सेना गाज़ा में अपनी मौजूदा पोजीशन से पीछे बिल्कुल नहीं हटेगी। वहीं दूसरी ओर, इस्राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन-गवीर समेत अन्य इसराइली अधिकारियों ने इस क्षेत्र से फलस्तीनियों के सामूहिक रूप से बाहर जाने की योजनाएं प्रस्तावित की हैं, जिससे हालात और ज्यादा तनावपूर्ण होते जा रहे हैं।

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