गाजा में इजरायली हमलों में चार फिलिस्तीनियों की मौत से तनाव बढ़ा और युद्धविराम के बीच हिंसा और तेज हो गई

गाजा: अमेरिका की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम के एक साल बाद भी गाजा पट्टी में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार 20 अक्टूबर 2026 को अलग-अलग घटनाओं में इजरायली हमलों के कारण कम से कम चार फिलिस्तीनियों की जान चली गई।
गाजा सिटी में एक अपार्टमेंट पर हुए इजरायली हवाई हमले में अकरम यासीन और उनकी पत्नी दीना अबू बेकर मारे गए। इजरायली सेना ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि उनका निशाना इलाके में मौजूद एक लड़ाका था, हालांकि इस बारे में और कोई जानकारी नहीं दी गई। इस घटना के बाद गाजा सिटी में दंपति के जनाजे में बड़ी संख्या में लोग जुटे।
हिंसा की अन्य घटनाओं में किजान अल-नजर इलाके के पास इजरायली गोलीबारी में एक 17 साल के लड़के की मौत हो गई। इसके अलावा गाजा सिटी के पूर्व में स्थित जैतून उपनगर में भी गोलीबारी में एक व्यक्ति मारा गया।
मंगलवार सुबह हुए हमलों में पांच लोग घायल भी हुए हैं। इनमें तीन महिलाएं शामिल हैं और अल-इक्लिमी इलाके में विस्थापितों के टेंटों के पास एक फिलिस्तीनी लड़की को गोली लगी है। रिपोर्ट के मुताबिक इजरायली टैंकों ने मध्य, दक्षिण और उत्तरी खान यूनिस में घरों और टेंटों पर भारी गोलीबारी की और उन्हें ध्वस्त कर दिया।
इजरायल का आरोप है कि हमास इस समझौते का उल्लंघन कर रहा है और फिर से हथियार जुटाकर हमले कर रहा है। दूसरी तरफ हमास ने इन दावों को खारिज करते हुए इजरायल पर शांति समझौते को कमजोर करने, गोलाबारी करने और टारगेट किलिंग का आरोप लगाया है।
मारे गए लोगों में से एक के भाई महमूद यासीन ने कहा कि कागजों पर युद्धविराम का समय है लेकिन असलियत में ऐसा कुछ नहीं दिख रहा है। उन्होंने बताया कि युद्ध अब भी जारी है, गोलाबारी नहीं रुकी है और हत्याएं हो रही हैं।
गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक युद्धविराम लागू होने के बाद से अब तक इजरायली हमलों में कम से कम 1,500 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। इनमें करीब आधे महिलाएं और बच्चे हैं। स्वास्थ्य विभाग अपनी रिपोर्ट में नागरिकों और लड़ाकों के बीच अंतर नहीं करता है।
सैन्य संघर्ष के साथ-साथ मानवीय संकट भी गहरा गया है। संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम ने इस क्षेत्र में खाद्य सहायता में लगभग एक तिहाई की कटौती कर दी है। हालिया हमलों में घायल लोगों को गाजा सिटी के अल-शिफा अस्पताल और खान यूनिस के नासिर मेडिकल कॉम्प्लेक्स में भर्ती कराया गया है।