गाजा पट्टी में इजरायली हमलों में छह फिलिस्तीनियों की मौत और 38 लोग घायल हुए
गाजा पट्टी में इजरायली हमलों में 6 लोगों की मौत और 38 घायल हुए हैं। रिफाह क्रॉसिंग बंद होने से मरीजों की हालत नाजुक है।

गाजा: गाजा पट्टी के अलग-अलग हिस्सों में इजरायली हमलों में गुरुवार को कम से कम छह फिलिस्तीनियों की जान चली गई और 38 अन्य घायल हो गए। इन हमलों में उत्तरी गाजा के हलावा कैंप, मध्य गाजा के मगजी शरणार्थी शिविर और दक्षिणी गाजा के अल-मावासी इलाके को निशाना बनाया गया।
उत्तरी गाजा के जबालिया के पास स्थित हलावा कैंप में एक हमले में एक व्यक्ति मारा गया। मेडिकल स्टाफ के मुताबिक, इजरायली सेना ने विस्थापित परिवारों के टेंटों पर सीधे फायरिंग की है।
मध्य गाजा के मगजी शरणार्थी शिविर में एक नागरिक वाहन पर ड्रोन से दो मिसाइलें दागी गईं, जिसमें दो फिलिस्तीनियों की मौत हो गई। वहीं दक्षिणी गाजा के अल-मावासी इलाके में ड्रोन हमले में अर्थव्यवस्था मंत्रालय के चार कर्मचारियों की जान चली गई और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए।
गाजा सरकार के मीडिया कार्यालय ने इस हमले को एक भयानक कत्लेआम और नया अपराध बताया है। कार्यालय के मुताबिक, इजरायल सरकारी संस्थानों को कमजोर करने के लिए यह संगठित अभियान चला रहा है।
गाजा शहर के पूर्व में हुई गोलाबारी में महिलाओं और बच्चों समेत 11 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा इजरायली सेना देइर अल-बलाह, खान यूनिस, गाजा सिटी और बेत लहीया जैसे इलाकों में घरों और बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नष्ट कर रही है।
वेस्ट बैंक में सुरक्षा छापों के दौरान कम से कम 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हेब्रोन में सात दिनों से जारी छापों और पाबंदियों की वजह से 780 परिवारों के करीब 5,000 फिलिस्तीनियों को विस्थापित होना पड़ा है।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इलाज के लिए विदेश भेजने के मकसद से रिफाह क्रॉसिंग खोलने की मांग की है। मंत्रालय के अनुसार, 21,468 मरीजों को बाहर भेजने की जरूरत है, जिनमें 6,430 प्राथमिकता वाले मामले हैं। अनुमति मिलने के इंतजार में दर्जनों मरीजों की मौत हो चुकी है।
बता दें कि 10 अक्टूबर 2025 को युद्धविराम समझौता लागू हुआ था। इसके बावजूद अब तक इजरायली उल्लंघन के कारण 1,574 फिलिस्तीनियों की मौत हुई है और 5,687 लोग घायल हुए हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने विस्थापित कैंपों पर हमलों और 26 अक्टूबर को शुजैया जंक्शन के पास एक कैंप को जलाने की घटना को मानवता के खिलाफ अपराध बताया है।