क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा के लिए इस्तांबुल में जुटेंगे तुर्की, सऊदी अरब, पाकिस्तान और यूरोपीय देशों के विदेश मंत्री
तुर्की, सऊदी अरब, पाकिस्तान, मिस्र और यूरोपीय देशों के विदेश मंत्री क्षेत्रीय सुरक्षा और तनावों पर चर्चा के लिए इस्तांबुल में जुटेंगे।

इस्तांबुल: क्षेत्रीय सुरक्षा और दुनिया के तनावपूर्ण इलाकों में शांति बहाली के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को इस्तांबुल में R4+E3 देशों के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक होने जा रही है। तुर्की की पहल पर आयोजित इस बैठक की मेजबानी तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान कर रहे हैं।
इस बैठक में 'R4' समूह के सदस्य तुर्की, सऊदी अरब, पाकिस्तान और मिस्र के साथ-साथ 'E3' समूह के ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के विदेश मंत्री शामिल होंगे। बैठक में सऊदी अरब के फैसल बिन फरहान अल सऊद, मिस्र के बद्र अब्देलअट्टी, पाकिस्तान के इसहाक डार, जर्मनी के जोहान डेविड वेडफुल, फ्रांस के जीन-नोएल बैरोट और ब्रिटेन के एड मिलिबैंड हिस्सा लेंगे।
तुर्की के राजनयिक सूत्रों ने बताया कि बैठक के एजेंडे में इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दा, यूक्रेन युद्ध और यमन के हालात जैसे गंभीर क्षेत्रीय विवाद शामिल हैं। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति और क्षेत्रीय शक्तियों तथा यूरोपीय देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा होगी।
विदेश मंत्री हाकन फिदान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कम करने के लिए राजनयिक समाधानों की वकालत कर सकते हैं। उन्होंने होर्मुज और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता की जरूरत पर जोर देने की तैयारी की है।
फिदान ने यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों के खिलाफ सऊदी अरब की सुरक्षा के प्रति तुर्की की प्रतिबद्धता दोहराई है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि क्षेत्रीय संघर्षों को और बढ़ने से रोकना जरूरी है।
इस बीच, मंत्री फिदान ने गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि अंकारा ने मक्का संयुक्त रक्षा समझौते को संसद में मंजूरी के लिए पेश करने की तैयारी पूरी कर ली है। इस समझौते में तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान शामिल हैं, जो आपसी रक्षा के लिए एक ढांचा तैयार करता है और सैन्य समन्वय को मजबूती देता है।