रेड सी युद्ध में इटली शामिल नहीं, विदेश मंत्री ने यूरोपीय संघ से की नौसेना मिशन मजबूत करने की मांग

लाल सागर में बढ़ते तनाव के बीच इटली की तरफ से एक बड़ा बयान सामने आया है जिसमें साफ किया गया है कि देश सीधे तौर पर किसी भी युद्ध का हिस्सा नहीं है। 20 सितंबर 2026 को इटली के विदेश मंत्री Antonio Tajani ने स्पष्ट किया कि उनका देश रेड सी संघर्ष में शामिल नहीं है, लेकिन साथ ही उन्होंने यूरोपीय संघ से मर्चेंट शिपिंग यानी व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए अपने नौसैन्य मिशन को और अधिक मजबूत करने की पुरजोर अपील की है।
व्यापारिक रूट की सुरक्षा पर जोर
विदेश मंत्री ने इस जलमार्ग के रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इटली का 40% कमर्शियल समुद्री ट्रैफिक और एशिया को होने वाले कुल निर्यात का 60% हिस्सा इसी क्षेत्र से होकर गुजरता है। यह बयान तब आया जब हाल ही में सऊदी अरब के ताइफ एयरबेस पर हौथी विद्रोहियों द्वारा एक हमला किया गया, जिसमें कथित तौर पर इटली के एक F-2000 विमान को नुकसान पहुंचा।
इटली की स्वतंत्र नौसेना तैनाती की तैयारी
इससे पहले 18-19 सितंबर 2026 को इटली के रक्षा मंत्री Guido Crosetto ने घोषणा की थी कि उनका देश अपने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए एक संभावित स्वतंत्र नौसेना तैनाती की तैयारी कर रहा है। बाब अल-मंडेल जलडमरूमध्य में सुरक्षा खतरों के बढ़ने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इटली हौथी आक्रमण के जवाब में यूरोपीय नौकरशाही का इंतजार नहीं करेगा। राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं की रक्षा के लिए इतालवी नौसेना को इस स्थिति के वास्ते तैयार रहने का निर्देश दिया गया है, और फ्रिगेट Carlo Bergamini को पहले ही उस क्षेत्र में तैनात किया जा चुका है।
यूरोपीय संघ का बढ़ा हुआ अलर्ट स्तर
इसी बीच, यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas ने पुष्टि की कि बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए ऑपरेशन एस्पिडेस ने अपने अलर्ट स्तर को बढ़ा दिया है। साल 2024 में एक रक्षात्मक अभियान के रूप में स्थापित, एस्पिडेस का मुख्य कार्य नेविगेशन की स्वतंत्रता को बनाए रखना है। वर्तमान में इतालवी नौसैनिक संपत्तियां मिशन की रोटेटिंग कमान संभालते हुए बढ़ी हुई आत्म-रक्षा प्रणालियों के तहत काम कर रही हैं।