G20 बैठक: समुद्री खतरों पर एस जयशंकर ने जताई चिंता, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में हमले के बाद भारतीय नाविक सुरक्षित
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने G20 बैठक में नागरिक जहाजों पर हमलों का मुद्दा उठाया। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में हमले के बाद भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।

अटलांटा: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अटलांटा में आयोजित G20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान नागरिक जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की शत्रुता का सबसे बुरा असर ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ रहा है।
जयशंकर ने जोर देकर कहा कि समुद्री रास्तों में होने वाली इन बाधाओं से ईंधन, भोजन और उर्वरक जैसी जरूरी चीजों की आपूर्ति और उनकी कीमतों पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून और विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (UNCLOS) के तहत नौवहन की स्वतंत्रता को सख्ती से बनाए रखने की मांग की।
यह मामला हॉर्मुज जलडमरूमध्य में हुई हालिया घटनाओं के बाद सामने आया है। 30 अक्टूबर 2026 को ओमान के खसाब से करीब 25 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में पनामा के झंडे वाले कच्चे तेल के टैंकर MT LOUISE 1 पर लिम्पेट माइंस से हमला किया गया, जिससे उसके इंजन रूम में आग लग गई।
इससे पहले 29 अक्टूबर को लाइबेरिया के झंडे वाले एक और बड़े कच्चे तेल के टैंकर MT ARZANAH को प्रोजेक्टाइल हमले का निशाना बनाया गया था। इन दोनों घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पुष्टि की है कि इन दोनों जहाजों पर सवार सभी 29 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। MT LOUISE 1 पर 27 और MT ARZANAH पर दो भारतीय नाविक मौजूद थे, जिन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
भारत सरकार इस पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है और जहाजों की प्रबंधन कंपनियों के साथ तालमेल बिठा रही है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने इस हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए समुद्री सुरक्षा एक मुख्य प्राथमिकता है, जिसे वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अपनी उम्मीदवारी के दौरान भी आगे रखेगा।