S Jaishankar ने NPT पर भारत और ईरान की स्थिति को बताया अलग

पश्चिम एशिया के बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के मामलों में भारत और ईरान की स्थिति बिल्कुल अलग है। म्यूनिख लीडर्स मीटिंग के दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समझौतों के संदर्भ में भारत के रुख और तेहरान की प्रतिबद्धताओं के बीच का फर्क दुनिया के सामने रखा।
विदेश मंत्री ने याद दिलाया कि भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जिन्होंने NPT पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और उसने अपने अधिकारों को सुरक्षित रखा है। इसके विपरीत, ईरान ने इस संधि पर हस्ताक्षर किए हैं और वह इसके नियमों के तहत बाध्य है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है, ऐसे में पश्चिम एशिया के हालात सीधे तौर पर आम नागरिकों की जेब, रसोई और रोजगार को प्रभावित कर रहे हैं। भारत चाहता है कि ऊर्जा और व्यापार के रास्ते जल्द से जल्द सुचारू रूप से बहाल हों ताकि वैश्विक स्तर पर आम जनता को इस संकट की कीमत न चुकानी पड़े।