विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कजाकिस्तान के गणतंत्र दिवस पर दी बधाई और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का जताया भरोसा
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कजाकिस्तान के गणतंत्र दिवस पर बधाई देते हुए रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की बात कही है।

नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कजाकिस्तान के गणतंत्र दिवस के मौके पर वहां के विदेश मंत्री मुख्तार तिलेउबर्दी, सरकार और आम जनता को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखते हुए कहा कि भारत दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और अधिक गहरा और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत उन शुरुआती देशों में शामिल था जिन्होंने कजाकिस्तान की आजादी को मान्यता दी थी। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध 22 फरवरी 1992 को स्थापित हुए थे।
भारत ने मई 1992 में अल्माटी में अपना दूतावास खोला था, जिसे बाद में नवंबर 2007 में अस्ताना स्थानांतरित कर दिया गया। वहीं कजाकिस्तान ने 1993 में नई दिल्ली में अपना दूतावास खोला था।
इसके अलावा एस जयशंकर ने 81वें संयुक्त राष्ट्र दिवस के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र और उसके चार्टर के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने वर्तमान वैश्विक वास्तविकताओं को दर्शाने वाले सुधारित बहुपक्षवाद की जरूरत पर जोर दिया।
जयशंकर ने कहा कि भारत इस अंतरराष्ट्रीय संगठन के जरिए वैश्विक सहयोग, अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा और ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं की वकालत करना जारी रखेगा। उन्होंने बताया कि भारत के मेजर अभिलाषा बराक को संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना में उनकी exemplary सेवा के लिए साल 2026 का 'यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर' पुरस्कार दिया गया है।
यह पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय मिशनों में तैनात महिला कर्मियों के योगदान और सैन्य शांति स्थापना में लैंगिक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के प्रयासों को मान्यता देता है। साथ ही, भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में परमाणु विज्ञान और प्रौद्योगिकी के सुरक्षित और शांतिपूर्ण उपयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता फिर से जताई है।