अबू धाबी में जयशंकर की यूएई के उप प्रधानमंत्री से मुलाकात

अबू धाबी [यूएई]: विदेश मंत्री एस जयशंकर की गुरुवार को यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने भारत और यूएई की व्यापक रणनीतिक साझेदारी की भावना के अनुरूप द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।
जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि यह मुलाकात गर्मजोशीभरी और उत्पादक रही। इसके बाद उन्होंने अब्दुल्ला बिन जायद के साथ अबू धाबी में रायसीना डायलॉग के मध्य पूर्व सत्र में भी हिस्सा लिया। सत्र का विषय "द वर्ल्ड अहेड: पावर, पर्पज़ एंड पॉसिबिलिटी" था।
बातचीत के दौरान जयशंकर ने वैश्विक व्यवस्था में बदलाव की बढ़ती रफ्तार पर ध्यान दिलाया। उनके मुताबिक इस बदलाव में लंबी अवधि के रुझान और तात्कालिक झटके, दोनों दिखते हैं। उन्होंने कहा, "वैश्विक व्यवस्था में बदलाव की बढ़ती रफ्तार को समझना ज़रूरी है। इसमें लंबी अवधि के रुझान और तात्कालिक झटके, दोनों झलकते हैं।"
जयशंकर ने कहा कि देश अपनी स्थिति के हिसाब से प्रतिक्रिया देते हैं और इस क्रम में नई साझेदारियां और नए विकल्प तलाशे जाना स्वाभाविक है। उन्होंने रणनीतिक समझ को और तेज करने पर जोर दिया। उनका कहना था, "इसके लिए पारंपरिक आराम के दायरे से बाहर निकलना होगा और रणनीतिक समझ को और तेज करना होगा।"
बहुपक्षीयता में सुधार पर उन्होंने कहा कि यह ज़रूरी हो गया है। जयशंकर के अनुसार इस प्रक्रिया को छोटे समूहों, यानी मिनिलेटरलिज्म, के जरिए मजबूती दी जा सकती है। उन्होंने कहा, "बहुपक्षीयता में सुधार ज़रूरी है। इसे मज़बूत मिनिलेटरलिज्म से सहारा मिल सकता है।"
भारत और यूएई के रिश्तों पर बात करते हुए जयशंकर ने कहा कि पिछले एक दशक की साझेदारी बदलते वैश्विक माहौल में दोनों देशों की प्रतिक्रिया का अच्छा उदाहरण है।
इससे पहले जयशंकर ने यूएई में अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान जॉर्जिया की विदेश मंत्री माका बोचोरिश्विली से मुलाकात की थी। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने व्यापार, कनेक्टिविटी, संस्कृति और लोगों के आपसी संपर्क पर चर्चा की। जयशंकर के मुताबिक उन्होंने क्षेत्रीय घटनाक्रम पर भी बात की। बुधवार को एक्स पर उन्होंने लिखा कि व्यापार, पर्यटन और शिक्षा में संबंध लगातार बढ़ रहे हैं।
जयशंकर अबू धाबी पहुंचे थे, जहां वे यूएई की अपनी यात्रा के तहत कई बैठकों में शामिल हुए।