UN में जयशंकर का कड़ा जवाब, पाकिस्तानी पत्रकार के आतंकवाद वाले सवाल पर लगाई क्लास.

Aanya25 September 20263 min read10 viewsIndia
UN में जयशंकर का कड़ा जवाब, पाकिस्तानी पत्रकार के आतंकवाद वाले सवाल पर लगाई क्लास.

संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाई लेवल वीक के दौरान भारतीय विदेश मंत्री S Jaishankar ने एक पाकिस्तानी पत्रकार को बेहद कड़े शब्दों में करारा जवाब दिया। अमेरिका के New York में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब एक पाकिस्तानी पत्रकार ने आतंकवाद से जुड़ा बेहूदा सवाल पूछकर माहौल खराब करने की कोशिश की, तो भारतीय विदेश मंत्री ने बिना एक पल गंवाए उसे उसकी औकात याद दिला दी। विदेश मंत्री ने तुरंत जवाब देते हुए कहा कि एक आतंकवादी देश उनसे ऐसा सवाल पूछ रहा है। यह पूरी घटना तब घटी जब कार्यक्रम के अंत में एक तरफ केवल चुनिंदा बयानों की ब्रीफिंग तय थी, तभी अचानक उस पत्रकार ने बीच में दखल दिया और उलटे-सीधे सवाल दागने शुरू कर दिए।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की दो टूक

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान S Jaishankar लाइबेरिया गणराज्य की विदेश मंत्री सारा बेयसोलो न्यंती के साथ शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा से जुड़े ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स पर बात कर रहे थे। भारतीय विदेश मंत्री इन दिनों 81st Session of the United Nations General Assembly में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए न्यूयॉर्क में मौजूद हैं। वह शनिवार को हाई लेवल सेशन को संबोधित करने वाले हैं। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों में हिस्सा लिया है। भारत ने हमेशा से पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की मांग की है। भारत ने पहलगाम में हुए उस भयानक आतंकी हमले के जवाब में कड़ा कदम उठाया था, जिसमें 26 आम नागरिकों की जान चली गई थी।

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आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त कार्रवाई

पहलगाम में 22 April 2025 को हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने अपनी रक्षा के लिए जो कदम उठाए, उन्हें दुनिया के कई देशों ने सराहा है। इस हमले की निंदा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अप्रैल 2025 के प्रेस बयान समेत कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साफ तौर पर दिखाई दी थी। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मोहरे द रेजिस्टेंस फ्रंट को अमेरिकी प्रशासन ने 18 July 2025 को विदेशी आतंकवादी संगठन और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध किया था। पिछले साल जुलाई में आई 36th UNSC 1267 Sanctions Committee Monitoring report में भी पहलगाम हमले से टीआरएफ के संबंधों का जिक्र किया गया था। भारत की लगातार कोशिशों का ही नतीजा है कि पाकिस्तान में पनाह पाने वाले कई आतंकियों और संगठनों के नाम अंतरराष्ट्रीय सूचियों में दर्ज हुए हैं.

भारत ने हमेशा इस बात को उठाया है कि पाकिस्तान आतंकवादियों को वित्तीय मदद रोकने में नाकाम रहा है, जिसकी वजह से उसकी जमीन से चलने वाले आतंकी नेटवर्क पर लगातार अंतरराष्ट्रीय नजर बनी हुई है। वित्तीय मामलों की निगरानी करने वाली संस्था एफएटीएफ यानी FATF द्वारा पाकिस्तान को तीन बार ग्रे लिस्ट में डाला जा चुका है, जिसमें आखिरी बार वह June 2018 से लेकर October 2022 तक इस सूची में शामिल रहा था। इस कड़ी अंतरराष्ट्रीय जांच के दबाव के कारण ही पाकिस्तान को मजबूर होकर कुछ जाने-माने आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी थी, जिनमें वे लोग भी शामिल थे जिन्होंने 26/11 को मुंबई में अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर हमला किया था।

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