पाकिस्तान में फ्यूल टैक्स के खिलाफ जमात-ए-इस्लामी का प्रदर्शन जारी, सरकार को दी देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी।

Praggya Singh sabal26 August 20262 min read50 viewsWorld
पाकिस्तान में फ्यूल टैक्स के खिलाफ जमात-ए-इस्लामी का प्रदर्शन जारी, सरकार को दी देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी।

पाकिस्तान में ईंधन पर लगाए गए भारी-भरकम टैक्स और महंगाई के खिलाफ Jamaat-e-Islami (JI) द्वारा शुरू किया गया विरोध प्रदर्शन अब अपने दशवें दिन में प्रवेश कर चुका है। लाहौर में पंजाब के मुख्यमंत्री आवास के बाहर चल रहे इस धरने के दौरान पार्टी नेतृत्व ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो इस आंदोलन को पूरे देश में फैला दिया जाएगा और एक बड़ी राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की जाएगी।

लाहौर में चल रहा है लगातार धरना

पार्टी के अमीर Hafiz Naeem ur Rehman ने 25 अगस्त 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान साफ तौर पर कहा कि यह प्रदर्शन तब तक बंद नहीं होगा जब तक सरकार पेट्रोलियम लेवी को पूरी तरह से वापस नहीं ले लेती और आम जनता को सीधे तौर पर राहत प्रदान नहीं करती। उन्होंने बताया कि राष्ट्रव्यापी शटडाउन की सटीक तारीख का ऐलान 13 Rabi-ul-Awwal को किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने पुष्टि की कि ईद मिलादुन्नबी के जश्न के दौरान भी विरोध प्रदर्शन की गतिविधियां जारी रहेंगी।

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अन्य टैक्स और रोटी के दाम पर मांग

हाफिज नईम उर रहमान ने केवल पेट्रोलियम लेवी का विरोध नहीं किया, बल्कि अन्य सभी गैर-जरूरी और अनुचित टैक्सों को तुरंत प्रभाव से खत्म करने की भी जोरदार मांग उठाई। उन्होंने यह भी मांग की कि आम आदमी के खाने की मुख्य जरूरत यानी रोटी की कीमत को घटाकर Rs10 किया जाए। सरकार द्वारा पेट्रोलियम कीमतों की समीक्षा के लिए बनाई गई हालिया कमेटी को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी को किसी भी तरह की ब्रीफिंग में कोई दिलचस्पी नहीं है और वे केवल तभी बातचीत करेंगे जब सरकार कीमतों में कमी का कोई ठोस प्रस्ताव सामने रखेगी।

पूर्व के दबाव और स्वतंत्र जांच की मांग

जेआई नेता ने दावा किया कि उनके पिछले सार्वजनिक दबाव के कारण ही अधिकारियों को डीजल की कीमतों में Rs32 per litre की कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। इसके अलावा, उन्होंने इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स (IPPs) के लिए कोयले के आयात में हुई कथित अनियमितताओं की एक निष्पक्ष फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की और पावर डिवीजन की कार्यप्रणाली की भी स्वतंत्र जांच की बात कही।

सरकार को बातचीत के लिए दिया संदेश

रहमान ने सरकार की वार्ता समिति से आग्रह किया कि वे खुद विरोध शिविर में आएं और लेवी को वापस लेने की समय सीमा तय करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जमात-ए-इस्लामी का नेतृत्व केवल स्पष्टीकरण सुनने के लिए इस्लामाबाद की यात्रा नहीं करेगा। पार्टी ने अपने समर्थकों को सभी चार प्रांतों में एकजुट कर लिया है और उनका साफ कहना है कि जब तक राज्य उनकी आर्थिक समस्याओं का समाधान नहीं करता, तब तक उनका यह धरना लगातार जारी रहेगा।

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