सऊदी अरब में 2027 एशियन कप की मेजबानी को लेकर जापान फुटबॉल एसोसिएशन ने सुरक्षा व्यवस्था पर जताई चिंता
जापान फुटबॉल एसोसिएशन ने सऊदी अरब में 2027 एशियन कप की मेजबानी और वहां की सुरक्षा स्थिति पर चिंता जताई है।

टोक्यो: जापान फुटबॉल एसोसिएशन (JFA) के अध्यक्ष त्सुनेयासु मियामोटो ने सऊदी अरब में होने वाले 2027 एशियन कप की सुरक्षा स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि वहां के मौजूदा हालात इस बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
टोक्यो में एशियाई फुटबॉल परिसंघ (AFC) की असाधारण कांग्रेस के दौरान मियामोटो ने कहा कि मिली रिपोर्ट्स के मुताबिक वहां का माहौल अभी भी असुरक्षित है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर सऊदी पक्ष से बातचीत हुई है। सऊदी अरब ने जवाब दिया है कि खिलाड़ियों और दर्शकों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और वे इस पर AFC के साथ मिलकर काम करेंगे।
यह टूर्नामेंट 7 जनवरी से 5 फरवरी 2027 तक आयोजित होना तय है। हालांकि, जापान की चिंताओं के बावजूद AFC ने 20 अक्टूबर 2026 को एक विशेष कार्यकारी समिति की बैठक के बाद सऊदी अरब को मेजबान के रूप में मंजूरी दे दी थी। अधिकारियों का मानना था कि इतने कम समय में कोई दूसरा मेजबान ढूंढना मुश्किल होगा।
AFC अध्यक्ष सलमान बिन इब्राहिम अल खलीफा ने संकेत दिया था कि अगर जरूरत पड़ी तो टूर्नामेंट को 2028 तक टाला जा सकता है। क्षेत्रीय अस्थिरता और यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों को देखते हुए अंतिम फैसला नवंबर के अंत तक लिया जा सकता है।
दूसरी ओर, सऊदी अरब के फुटबॉल अधिकारियों का कहना है कि उनकी सुविधाएं पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने जोर दिया कि उनकी मेजबानी की बोली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम शामिल थे, जिसमें एक समर्पित सुरक्षा समिति और आधुनिक निगरानी प्रणाली बनाई गई है।
इसी बीच 23 अक्टूबर की कांग्रेस में AFC जनरल असेंबली ने अपने नियमों में बदलाव को मंजूरी दी है। इसके तहत 2032 से एशियन कप सम वर्षों में आयोजित किया जाएगा, जिसका मतलब है कि सऊदी अरब में होने वाला 2027 का टूर्नामेंट विषम वर्ष में होने वाला आखिरी संस्करण होगा।