दुबई जेल में बंद झारखंड का युवक, एजेंट ने लगाया धोखा, परिवार परेशान
पलामू का शशि कुमार दुबई की अल रशीदिया जेल में 4 महीने से बंद है। एजेंट के झांसे में आकर नौकरी छोड़ी, अब परिवार ने लगाई मदद की गुहार।

पलामू (झारखंड): झारखंड के पलामू जिले के दादरा गांव का एक 23 वर्षीय युवक शशि कुमार पासवान पिछले चार महीनों से दुबई की अल रशीदिया जेल में बंद है। एक ट्रैवल एजेंट के झांसे में आने के कारण वह कानूनी मुश्किलों में फंस गया है और अब उसका परिवार उसकी रिहाई के लिए गुहार लगा रहा है।
शशि कुमार साल 2025 में एक प्राइवेट कॉन्ट्रैक्ट पर टेक्निकल हेल्पर के तौर पर काम करने यूएई गया था। उसका रोजगार अनुबंध सितंबर 2027 तक था, लेकिन वह अपनी छोटी बहन की शादी के लिए घर लौटना चाहता था। हुसैनबाद में 26 जून से 22 जुलाई 2026 के बीच उसकी बहन की शादी तय थी।
शशि के पिता ललन पासवान के मुताबिक, एक ट्रैवल एजेंट ने उनके बेटे को धोखा दिया। एजेंट के कहने पर शशि ने बिना किसी नोटिस के अपनी नौकरी छोड़ दी, जिसकी वजह से वह सात दिनों तक अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहा। शशि को लगा था कि वह 10 से 15 दिनों में रिहा हो जाएगा, इसलिए उसने अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
शशि की पत्नी सुमित्रा ने बताया कि शशि ने उसे जानकारी दी थी कि एजेंट ने उसे टेलीग्राम मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े किसी मामले में फंसा दिया है। कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उसकी गिरफ्तारी काम से अनुपस्थित रहने और गलत तरीके से नौकरी छोड़ने की वजह से हुई है, जबकि कुछ अन्य रिपोर्टों में दावा किया गया है कि धोखाधड़ी करने वाले एजेंट से पासपोर्ट वापस लेने की कोशिश के दौरान उसे गिरफ्तार किया गया।
परेशान पिता ललन पासवान ने 27-28 अक्टूबर 2026 के आसपास हुसैनबाद पुलिस स्टेशन में एक औपचारिक आवेदन दिया है। उन्होंने जिला प्रशासन और भारत सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। पलामू एसपी कपिल चौधरी ने पुष्टि की है कि आवेदन को उच्च अधिकारियों के पास भेज दिया गया है।
शशि के परिवार ने इससे पहले