दुबई की जेल में बंद पलामू का युवक, एजेंट के झांसे में आने पर फंसी जान
पलामू का शशि कुमार दुबई की अल रशीदिया जेल में बंद है। बहन की शादी के लिए घर लौटने की कोशिश में वह एजेंट के जाल में फंस गया।

पलामू (झारखंड): झारखंड के पलामू जिले के दादरा गांव का एक 23 वर्षीय युवक दुबई की अल रशीदिया जेल में पिछले चार महीनों से बंद है। शशि कुमार पासवान नाम का यह युवक टेक्निकल हेल्पर के तौर पर काम करने यूएई गया था, लेकिन अब वह एजेंट के धोखे और कानूनी पेचीदगियों के कारण जेल की सलाखों के पीछे है।
जानकारी के मुताबिक, शशि साल 2025 में काम की तलाश में यूएई गया था। जून 26 को उसकी बहन की शादी थी, जिसके लिए वह जल्द से जल्द घर लौटना चाहता था। इसी जल्दबाजी में उसने बिना नोटिस दिए अपनी कॉन्ट्रैक्ट जॉब छोड़ दी और घर वापसी के लिए एक एजेंट की मदद ली।
काम से सात दिन तक गायब रहने के कारण शशि के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई। उसके नियोक्ता ने उसे भगोड़ा (absconding) घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की, जिसके बाद उस पर आपराधिक मामले दर्ज हो गए और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि जिस एजेंट ने उसकी मदद का वादा किया था, वह खुद टेलीग्राम से जुड़े एक मामले में हिरासत में है।
बेटे की रिहाई के लिए चार महीने तक इंतजार करने के बाद, पिता ललन पासवान ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को हुसैनबाद थाने में एक औपचारिक आवेदन दिया है। पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने बताया कि इस आवेदन को आगे की कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है।
शशि की पत्नी सुमित्रा ने भारत सरकार और यूएई स्थित भारतीय दूतावास से गुहार लगाई है कि वे कानूनी मदद मुहैया कराएं ताकि उसका पति सुरक्षित घर लौट सके। शशि के पास 4 सितंबर 2025 को जारी हुआ एमिरेट्स आईडी है, जो यह साबित करता है कि वह वहां एक कानूनी निवासी श्रमिक था।
30 अक्टूबर 2026 तक शशि जेल में ही है और उसका परिवार सरकारी हस्तक्षेप का इंतजार कर रहा है।