बहन की शादी में घर आने की कोशिश पड़ी भारी, दुबई जेल में बंद पलामू का युवक
पलामू का शशि कुमार दुबई की जेल में बंद है। बहन की शादी में घर आने की कोशिश में लेबर लॉ उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ।

पलामू (झारखंड): दुबई की अल रशीदिया जेल में झारखंड का एक 23 वर्षीय युवक पिछले चार महीनों से कैद है। पलामू जिले के दादरा गांव का रहने वाला शशि कुमार पासवान अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए भारत आना चाहता था, लेकिन वह लेबर लॉ के उल्लंघन के आरोप में फंस गया।
शशि कुमार साल 2025 में अबू धाबी की एक निजी कंपनी में टेक्निकल हेल्पर के तौर पर काम करने के लिए यूएई गया था। उसकी बहन की शादी 26 जून या 22 जुलाई को तय थी, जिसके लिए उसने घर लौटने हेतु एक एजेंट की मदद ली थी।
यूएई के लेबर नियमों (फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 33 ऑफ 2021) के मुताबिक, लगातार सात दिनों तक काम से अनुपस्थित रहने पर शशि को 'फरार' (absconder) घोषित कर दिया गया। इसके बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया, उसका वर्क परमिट रद्द कर दिया गया और उसे जेल भेज दिया गया।
खबरों के मुताबिक, इस मामले में शामिल एजेंट भी जेल जा चुका है। बताया जा रहा है कि एजेंट के खिलाफ टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप से जुड़ी जांच चल रही है।
शशि के पिता ललन पासवान ने सोमवार को पलामू के हुसैनबाद थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके बेटे ने पहले जल्द मामला सुलझने का वादा किया था, लेकिन वह अब भी हिरासत में है। पलामू एसपी कपिल चौधरी ने पुष्टि की है कि आवेदन को उच्च अधिकारियों के पास भेज दिया गया है।
शशि की पत्नी सुमित्रा ने कानूनी मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि उसके पति को एजेंट ने गुमराह किया था। अब उनकी मांग है कि शशि को सुरक्षित घर वापस लाया जाए।
इस मामले के बाद विदेश मंत्रालय और दुबई स्थित भारतीय दूतावास से हस्तक्षेप की मांग की जा रही है, ताकि शशि की कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सके और उसे वापस भारत लाया जा सके।