करक चर्च हमले के बाद किंग अब्दुल्ला II बोले- हिंसा से देश नहीं डिगेगा
जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला II ने चर्च हमले के बाद देश में स्थिरता का वादा किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही।

अम्मान: जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला II ने पिछले महीने दक्षिणी शहर करक में एक चर्च पर हुए घातक आतंकी हमले के बाद देश की मजबूती और स्थिरता का भरोसा दिलाया है। राजा ने स्पष्ट किया कि हिंसा के जरिए समाज में फूट डालने की कोशिश करने वालों से राष्ट्र विचलित नहीं होगा।
यह घटना 23 अक्टूबर 2026 को करक गवर्नरेंट के हमूद गांव में स्थित ग्रीक ऑर्थोडॉक्स सेंट जॉर्ज चर्च में हुई थी। यहां एक अंतिम संस्कार के दौरान बंदूकधारियों ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई और 34 से 50 लोग घायल हुए।
सुरक्षा बलों ने 26 अक्टूबर 2026 को अल-जदीदा गांव में एक ठिकाने पर सुबह के समय मुठभेड़ के बाद तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए लोगों की पहचान तीन भाइयों—हजा जैदान मोहम्मद, मिशाल जैदान मोहम्मद और उनके जीजा अहमद समी हुसैन के रूप में हुई है।
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हमलावर जॉर्डन के ही नागरिक थे और उन्होंने किसी संगठित समूह से जुड़े बिना स्वतंत्र रूप से यह हमला किया, हालांकि उन्होंने इस्लामिक स्टेट के प्रति अपनी निष्ठा जताई थी। किंग अब्दुल्ला II ने इस घटना को आतंकी कृत्य बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वालों से 'लोहे की मुट्ठी' से निपटा जाएगा।
प्रधानमंत्री जाफर हसन और आंतरिक मंत्री माज़ेन अल-फराया ने इस हिंसा के पीछे 'तकफिरी' चरमपंथी विचारधारा को जिम्मेदार ठहराया। इस दुखद घटना के बाद सरकार ने तीन दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया था।
जॉर्डन की सेना ने 26 और 27 अक्टूबर 2026 को दक्षिणी सीरिया में स्थित उग्रवादियों के ठिकानों पर हवाई हमले किए। इस सैन्य कार्रवाई के बाद सीरियाई सरकार के साथ राजनयिक तनाव बढ़ गया है, क्योंकि सीरिया ने दावा किया कि उसे इन हमलों के बारे में न तो सूचित किया गया था और न ही कोई समन्वय किया गया था।