जॉर्डन के करक में चर्च पर हुए आतंकवादी हमले में आठ लोगों की मौत, तीन हमलावरों की तलाश में जुटी सुरक्षा एजेंसियां
जॉर्डन के करक में एक चर्च पर हुए आतंकवादी हमले में 8 लोगों की मौत हो गई और 40 घायल हैं। सुरक्षा बल तीन हमलावरों की तलाश कर रहे हैं।

करक (जॉर्डन): जॉर्डन के करक इलाके के हमूद गांव में शुक्रवार को एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च पर हुए आतंकवादी हमले में आठ लोगों की जान चली गई। इस हमले में करीब 40 लोग घायल हुए हैं, जिनमें ज्यादातर 50 से 70 साल की उम्र के लोग शामिल हैं। यह घटना उस समय हुई जब चर्च में एक जनाजे की प्रार्थना चल रही थी।
जॉर्डन की सुरक्षा एजेंसियां इस वारदात को अंजाम देने वाले तीन अज्ञात बंदूकधारियों की तलाश में जुटी हैं। पब्लिक सिक्योरिटी डायरेक्टरेट के प्रमुख मेजर जनरल अब्दुल्ला अल-मायता ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में तीन संदिग्ध चर्च की ओर आते और वहां धावा बोलते हुए नजर आए हैं। फिलहाल उनकी तलाश के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है।
किंग अब्दुल्ला II ने इस हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए इसे एक आतंकवादी कृत्य बताया है। उन्होंने संकल्प जताया कि राज्य इस तरह के हमलों का मुकाबला लोहे की मुट्ठी से करेगा और दोषियों को सबसे कठोर सजा दिलाई जाएगी। हमले के बाद किंग अब्दुल्ला ने अम्मान के किंग हुसैन मेडिकल सेंटर में भर्ती घायलों से मुलाकात की। इन घायलों को जॉर्डन सशस्त्र बलों के जरिए हवाई मार्ग से अस्पताल पहुंचाया गया था।
इंटीरियर मिनिस्टर माज़ेन अल-फ़राया ने इस घटना को चरमपंथियों द्वारा किया गया एक अभूतपूर्व आतंकवादी हमला करार दिया है। उन्होंने कहा कि पब्लिक सिक्योरिटी डायरेक्टरेट के समन्वय से जांच पूरी तेजी से चल रही है। वहीं प्रधानमंत्री जाफर हसन ने इस हिंसा के पीछे आतंकवादी विचारधारा और अंधे चरमपंथ को जिम्मेदार ठहराया।
सरकार ने इस त्रासदी के बाद देश में तीन दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है, जिसके दौरान पूरे देश में झंडे आधे झुके रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करते हुए विदेशी दूतावासों और शॉपिंग मॉल सहित सभी संवेदनशील स्थानों पर चौकसी बढ़ा दी गई है। सरकारी प्रवक्ता मोहम्मद अल-मोमानी ने पुष्टि की है कि जांच जारी है।
इस हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा हुई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस गोलीबारी को बेहद घिनौना बताया। यूनाइटेड नेशंस अलायंस ऑफ सिविलाइजेशन के उच्च प्रतिनिधि मिगुएल एंजेल मोरातिनोस ने पूजा स्थलों की पवित्रता पर जोर दिया। इसके अलावा लेबनान, सीरिया, मिस्र, ओमान, पाकिस्तान, सऊदी अरब, यूएई, कतर और संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत ने भी इस घटना की निंदा की है। अम्मान के एक ऑर्थोडॉक्स चर्च परिसर के बाहर पीड़ितों की याद में एक एकजुटता सभा का आयोजन किया गया।