जॉर्डन के करक में चर्च के अंतिम संस्कार के दौरान आतंकी हमला, सात लोगों की मौत और 34 लोग हुए घायल

जॉर्डन के करक में एक चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें 7 लोगों की जान गई और 34 घायल हुए।

Gautam Sahu24 October 20262 min read0 viewsWorld
जॉर्डन के करक में चर्च के अंतिम संस्कार के दौरान आतंकी हमला, सात लोगों की मौत और 34 लोग हुए घायल

करक (जॉर्डन): जॉर्डन के करक इलाके में स्थित हमूद गांव के एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में शुक्रवार को आतंकी हमला हुआ। यहां एक अंतिम संस्कार के दौरान तीन अज्ञात बंदूकधारियों ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई और 34 अन्य घायल हो गए।

हमलावर एक गाड़ी में सवार होकर मौके पर पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और फुटेज के मुताबिक, उन्होंने दो पिस्तौल और एक सेमी-ऑटोमैटिक राइफल का इस्तेमाल कर शोक मनाने आए लोगों पर गोलियां चलाईं। घायल हुए 34 लोगों में से 27 का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है।

इस घटना के बाद जॉर्डन सरकार ने तीन दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है, जिसके तहत सभी सरकारी संस्थानों में झंडे आधे झुका दिए गए हैं। किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने इस हमले को आतंकी कृत्य बताते हुए कहा कि देश इसका कड़ा जवाब देगा और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वालों से लोहे की मुट्ठी से निपटा जाएगा।

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गृह मंत्री माज़ेन अल-फराया ने इस गोलीबारी को चरमपंथ का एक ऐसा कृत्य बताया जिसका मानवता से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं प्रधानमंत्री जाफर हसन ने करक में सुरक्षा ब्रीफिंग के दौरान इस हिंसा का कारण आतंकी विचारधारा और अंधा चरमपंथ को बताया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को कानूनी सजा मिलेगी।

पब्लिक सिक्योरिटी डायरेक्टरेट के डायरेक्टर उबैदुल्लाह अल-मायता ने हताहतों की संख्या की पुष्टि की और कहा कि सरकार हमलावरों को पकड़ने और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अधिकारियों ने हमलावरों को चरमपंथियों का एक समूह बताया है, हालांकि अभी तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

अम्मान से करीब 180 किलोमीटर दूर इस इलाके में सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश के लिए बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया हुआ है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अंतिम संस्कार के जुलूस को निशाना बनाने को बेहद घृणित बताया है। इंटरनेशनल क्रिश्चियन कंसर्न (ICC) ने भी इस घटना की निंदा करते हुए इसे स्वतंत्र रूप से पूजा करने के मानवाधिकार का उल्लंघन करार दिया है।

करक गवर्नर क्षेत्र में सुरक्षा बल भारी संख्या में तैनात हैं और मामले की जांच जारी है।

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