जॉर्डन के करक में चर्च के भीतर अंतिम संस्कार के दौरान हुए आतंकी हमले में सात लोगों की मौत और 34 घायल
जॉर्डन के करक में एक चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान हुए आतंकी हमले में 7 लोगों की मौत हो गई और 34 घायल हुए हैं।

करक (जॉर्डन): जॉर्डन के करक इलाके में स्थित हमूद ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में शुक्रवार को हुए एक आतंकी हमले में कम से कम सात लोगों की जान चली गई। इस हमले में 34 अन्य लोग घायल हुए हैं। यह घटना 23 अक्टूबर 2026 को उस समय हुई जब चर्च में एक अंतिम संस्कार का कार्यक्रम चल रहा था।
जानकारी के मुताबिक, दो से तीन नकाबपोश हमलावर एक गाड़ी से उतरे और वहां मौजूद लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों के पास पिस्तौल और कम से कम एक सेमी-ऑटोमैटिक राइफल थी। उन्होंने पहले अंतिम संस्कार के जुलूस पर गोलियां चलाईं और फिर चर्च की इमारत के अंदर घुस गए। हादसे के वक्त वहां करीब 150 से 200 लोग मौजूद थे, जिनमें से ज्यादातर पीड़ितों की उम्र 50 से 70 साल के बीच थी।
जॉर्डन के पब्लिक सिक्योरिटी डायरेक्टर मेजर जनरल ओबेदल्लाह मायता ने बताया कि घायल हुए लोगों में से 27 अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से दो लोगों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। सुरक्षा बल हमलावरों की तलाश में बड़े पैमाने पर छापेमारी कर रहे हैं, हालांकि वे अब तक पकड़े नहीं जा सके हैं।
इस दुखद घटना के बाद सरकार ने पूरे देश में तीन दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। किंग अब्दुल्ला II ने शुक्रवार शाम को करक का दौरा किया और इस आतंकी कृत्य की कड़ी निंदा की। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सबसे सख्त सजा और कड़ी जवाबी कार्रवाई का वादा करते हुए राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री जाफर हसन ने इस हमले को आतंकी विचारधारा और अंधे कट्टरपंथ का नतीजा बताया है। वहीं, आंतरिक मंत्री माज़ेन अल-फराया ने हमलावरों को चरमपंथियों का एक समूह करार दिया। सरकारी संचार मंत्री मोहम्मद अल मोमानी ने पुष्टि की है कि सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं।
अम्मान स्थित अमेरिकी दूतावास इस स्थिति पर नजर रखे हुए है और उसने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को सतर्क रहने और स्थानीय सुरक्षा घटनाक्रमों के प्रति सावधान रहने की सलाह दी है। यरूशलेम के ग्रीक ऑर्थोडॉक्स पैट्रिआर्कट ने भी इस हमले की औपचारिक निंदा करते हुए जल्द से जल्द न्याय की मांग की है।
यह हमला जून 2025 के बाद इस क्षेत्र में ईसाइयों पर हुआ सबसे घातक हमला है। इससे पहले 2016 में भी करक में एक हमला हुआ था जिसमें 10 लोगों की मौत हुई थी।