जॉर्डन में चर्च पर हुए जानलेवा हमले के तीन हथियारबंद संदिग्ध सुरक्षा बलों ने किए गिरफ्तार
जॉर्डन की सुरक्षा बलों ने करक के चर्च हमले में शामिल तीन हथियारबंद संदिग्धों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है।

करक (जॉर्डन): जॉर्डन की सुरक्षा बलों ने सोमवार को करक प्रांत के हमूद गांव में एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च पर हुए जानलेवा हमले के मामले में तीन हथियारबंद संदिग्धों को पकड़ लिया है। सुरक्षा बलों ने इन संदिग्धों का पीछा करते हुए उन्हें करक के एक पुराने खाली घर से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के दौरान संदिग्धों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें हमलावर घायल हो गए। इस ऑपरेशन के दौरान किसी भी सुरक्षाकर्मी को चोट नहीं आई है। मौके से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया गया है।
जॉर्डन के आंतरिक मंत्री माजिन अल फरायेह ने गिरफ्तारियों की पुष्टि करते हुए बताया कि ये तीनों व्यक्ति ही इस हिंसा के लिए जिम्मेदार थे। उन्होंने कहा कि पकड़े गए लोगों ने सुरक्षा बलों के सामने कड़ा प्रतिरोध किया, जिसके बाद उन्हें काबू में किया गया।
यह हमला 23 अक्टूबर 2026 को एक अंतिम संस्कार के जुलूस के दौरान हुआ था। संशोधित आंकड़ों के मुताबिक, इस हमले में नौ लोगों की मौत हुई थी और 40 अन्य घायल हुए थे। आंतरिक मंत्री ने 23 अक्टूबर को ही इस गोलीबारी को एक चरमपंथी आतंकवादी हमला करार दिया था।
जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने इस हिंसा के बाद अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया था और कहा था कि दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। पब्लिक सिक्योरिटी डायरेक्टरेट (PSD) के मेजर जनरल अब्दुल्ला अल-मायता ने इस पूरी जांच और गिरफ्तारी अभियान की निगरानी की।
अधिकारियों ने इस घटना को चरमपंथी आतंकवाद का काम बताया है, हालांकि 26 अक्टूबर तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।